बच्चे के जन्म के बाद पिता को हो जाता है डिप्रेशन, रिपोर्ट ने खुलासा

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बच्चे का जन्म किसी भी परिवार के लिए खुशी का सबसे बड़ा पल होता है लेकिन इस खुशी के पीछे कई बार ऐसी मानसिक चुनौतियां छिपी होती हैं जिन पर कम ही बात होती है। अब तक यह माना जाता था कि डिलीवरी के बाद डिप्रेशन का खतरा सिर्फ मां को होता है लेकिन हालिया स्टडी ने यह धारणा बदल दी है। JAMA नेटवर्क ओपन में पब्लिश कैरोलिंस्का इंस्टीट्यूट की एक स्टडी में सामने आया है कि नए पिता भी ‘Paternal Postpartum Depression’ का शिकार हो रहे हैं, जो उनके मानसिक स्वास्थ्य और पारिवारिक जीवन दोनों पर असर डाल रहा है।

 

इस अध्ययन में स्वीडन के 10 लाख से अधिक पिता पर 1 साल तक नजर रखी गई ताकि यह पता चल सके कि पिता को डिप्रेशन होने का जोखिम सबसे ज्यादा कब होता है। अध्ययन में पता चला कि नए पिता को डिप्रेशन होने का खतरा बच्चे के जन्म के एक साल बाद बढ़ जाता है। स्टडी रिपोर्ट में दावा किया गया है कि पिता को डिप्रेशन होने की संभावना प्रेग्नेंसी से पहले के समय की तुलना में 30 फीसदी तक बढ़ जाती है। गर्भावस्था और बच्चे के जन्म के कुछ समय बाद पिता का मानसिक स्वास्थ्य अपेक्षाकृत स्थिर रहता है। अब सवाल उठता है कि नए पिता को डिप्रेशन क्यों होता है और बच्चे के जन्म के एक साल बाद ही क्यों होता है।

 

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एक साल बाद होता है डिप्रेशन

इस स्टडी के शोधकर्ताओं का दावा है कि बच्चे के जन्म के बाद ही पिता पर तनाव बढ़ने लगता है लेकिन पुरुष अक्सर इन तनावों को नजरअंदाज कर देते हैं, जिसकी वजह से यह तनाव आगे चलकर डिप्रेशन का रूप ले लेता है। रिपोर्ट के मुताबिक, तनाव होने पर पिता शुरुआत में किसी की मदद नहीं लेते क्योंकि उस समय वह अपनी पत्नी के स्वास्थ्य पर ज्यादा ध्यान देते हैं और जब पुरुष अपने स्वास्थ्य पर ध्यान देना शुरू करते हैं तब तक काफी देर हो चुकी है होती है। एक साल बीतने के बाद पिता में डिप्रेशन के लक्षण ज्यादा स्पष्ट होने लगते हैं।

डिप्रेशन होने की वजह

पिता में डिप्रेशन होने का कोई एक कारण नहीं है बल्कि इसके कई कारण हैं।

 

हार्मोनल परिवर्तन –इस अध्ययन में पता चला है कि नए पिता में भी माताओं की तरह हार्मोनल बदलाव होते हैं। इस दौरान पिता के टेस्टोस्टेरोन का स्तर कम हो जाता है, साथ ही एस्ट्रोजन और प्रोलैक्टिन के स्तर में भी असंतुलन आ जाता है।


नींद की कमी – कई बार शिशु रात में ठीक से नहीं सोते है, जिस वजह से पिता को उनकी देखभाल में रात गुजारनी पड़ती है। नींद पूरी न होने के कारण पिता मानसिक रूप से थका हुआ महसूस करते हैं।

 

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आर्थिक तनाव – परिवार में एक नए सदस्य के जुड़ने से घर का खर्च बढ़ जाता है, जिस वजह से पिता को आर्थिक तनाव का सामना करना पड़ता है। इससे चिंता और दबाव बढ़ता है।


रिश्तों में दूरियां आना – बच्चे के जन्म के बाद पति-पत्नी के रिश्तों में बदलाव आ सकता है। कई बार पत्नी अपना अधिक समय बच्चे की देखभाल में देती है, जिससे आपसी दूरी महसूस हो सकती है।


बढ़ती जिम्मेदारियां – पिता बनने के बाद पुरुषों की पारिवारिक जिम्मेदारियां बढ़ जाती हैं, जिससे मानसिक दबाव और तनाव बढ़ता है।

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