जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। अमेरिका के अटलांटा में शनिवार को क्वाड विदेश मंत्रियों की बैठक देर शाम संपन्न हो गई। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो की मेजबानी में आयोजित बैठक में भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर, ऑस्ट्रेलिया की विदेश मंत्री पेनी वोंग और जापान के विदेश मंत्री तोशिमित्सु मोतेगी भी इसमें शामिल हुए। यह इस वर्ष की क्वाड देशों की विदेश मंत्री स्तरीय तीसरी बैठक थी। इससे पहले मई में नई दिल्ली और जुलाई में मनीला में बैठकें हो चुकी हैं।
बैठक जी-20 विदेश मंत्रियों के शिखर सम्मेलन के इतर हुई। इसमें हिंद-प्रशांत क्षेत्र की सुरक्षा, समुद्री सहयोग, आपूर्ति शृंखलाओं को मजबूत करने, अगली पीढ़ी की तकनीकों और महत्वपूर्ण खनिजों पर चर्चा हुई।
रूबियो ने सोशल मीडिया पर लिखा-” मुझे अटलांटा में अपने क्वाड समकक्षों से मिलकर खुशी हुई। हमने साझा प्राथमिकताओं को हिंद-प्रशांत के लिए वास्तविक लाभों में बदलने में हुई प्रगति पर चर्चा की। विश्वसनीय और खुली आपूर्ति शृंखलाएं बनाने, अगली पीढ़ी की तकनीकों का समर्थन करने, समुद्री सहयोग बढ़ाने और महत्वपूर्ण खनिजों को सुरक्षित करने के साथ अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, भारत और जापान अपने लोगों और क्षेत्र के देशों के लिए परिणाम दे रहे हैं।”
उधर, नई दिल्ली में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर ने कहा -” क्वाड अमेरिका के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। भारत, जापान और आस्ट्रेलिया जैसे साझेदारों के साथ नियमित संवाद जरूरी है। यह छह महीनों में तीसरी मंत्रिस्तरीय बैठक है। क्वाड में नियमित काम होता रहता है।”
नवंबर में फिलीपींस के मनीला में आसियान सम्मेलन के दौरान क्वाड नेताओं के शिखर सम्मेलन की तैयारी भी तेज हो गई है। यह 2024 के बाद पहला शिखर सम्मेलन होगा। बैठक में व्यावहारिक सहयोग पर जोर देते हुए चारों देशों ने क्षेत्र की स्थिरता और खुले हिंद-प्रशांत के प्रति प्रतिबद्धता दोहराई।
