डिजिटल डेस्क, तिरुपति। बेंगलुरु के मणिपाल अस्पताल में डॉक्टरों की एक विशेष टीम में 12 घंटे तक चली जटिल ऑर्थोपेडिक और प्लास्टिक सर्जरी के जरिए 10वी कक्षा की छात्रा की हालत स्थिर की और उसे खतरे से बाहर निकाला। शनिवार को अंनतपुर जिले के राप्टाडु स्थित एक जिला परिषद सरकारी स्कूल में, एकतरफा प्यार में पागल एक युवक ने क्लासरूम के अंदर नाबालिग छात्रा पर आरी से हमला कर दिया था, जिसमें वह गंभीर रूप से घायल हो गई थी।
आंध्र प्रदेश के मानव संसाधन विकास मंत्री नारा लोकेश ने अस्पताल पहुंचकर डॉक्टरों से छात्रा की सेहत के बारे में जानकारी ली। उन्होंने पत्रकारों को बताया कि छात्रा को ICU में शिफ्ट कर दिया गया है। वहां डॉक्टरों की एक विशेष टीम चौबीसों घंटे उसकी निगरानी करेगी, क्योंकि अगले 48 घंटे उसके ठीक होने के लिए बहुत महत्वपूर्ण है।
सरकार पूरी तरह से पीड़िता और उसके परिवार के साथ- नारा लोकेश
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पूरी तरह से पीड़िता और उसके परिवार के साथ खड़ी है और इस मामले में जल्द से जल्द न्याय दिलाया जाएगा।
मंत्री ने कहा कि आरोपी ने अपना मोबाइल फोन बंद कर लिया है और अभी तक उसका पता नहीं चल पाया है। हालांकि, पुलिस ने उसकी तलाश तेज कर दी है और छात्रा पर हमला करने वाले आरोपी को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
बच्चों की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता- नारा लोकेश
HRD मंत्री ने कहा कि बच्चों की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि सरकार सभी संबंधित पक्षों से बातचीत करके जल्द ही एक मजबूत सुरक्षा तंत्र तैयार करने की योजना बना रही है।
उन्होंने कहा कि इस घटना को अपनी आंखों से देखने के कारण स्कूल के छात्र गहरे सदमे में हैं। उन्हें इस सदमे से बाहर निकालने के लिए काउंसलिंग की व्यवस्था की गई है। यह काउंसलिंग अगले एक साल तक चलेगी, जिसमें शिक्षकों और अभिभावकों को भी शामिल किया जाएगा।
दरिंदे का एनकाउंटर किया जाए- स्थानीय
इस बीच, छात्रा के परिवार वालों और राप्टाडु के पास स्थित अय्यावरी पल्ले के स्थानीय लोगों ने पुलिस और सरकार से मांग की है कि वे इस मामले में तुरंत कार्रवाई करें और आरोपी हेमंत को जल्द से जल्द गिरफ्तार करें। कुछ परिजनों और स्थानीय लोगों ने पुलिस से मांग की है कि पीड़ित छात्रा और उसकी सहेली लक्ष्मी समेत दो मासूम नाबालिग बच्चियों पर हुए बर्बर हमले के लिए जिम्मेदार दरिंदे का एनकाउंटर किया जाए।
