सिद्धार्थनगर के चिल्हिया थाना क्षेत्र के बर्डपुर 13 टोला मोतीपुर में सागौन का पेड़ काटने से रोकने पर हुए विवाद में 55 साल के संतबली पर जानलेवा हमला किया गया था। इस मामले में पुलिस ने घटना के 75 दिन बाद 1 सितंबर को केस दर्ज किया है। पुलिस ने हरिराम, उसकी पत्नी विमलावती, बेटे श्यामसुंदर और पवन, बेटियों सोनमती और शालू, श्यामसुंदर की पत्नी रुकसाही समेत दो अज्ञात लोगों को आरोपी बनाया है। सभी नामजद आरोपी बर्डपुर 13 टोला मोतीपुर के ही रहने वाले हैं। यह घटना 18 जून 2026 की शाम करीब पांच बजे हुई थी। पेड़ काटने से मना किया संतबली ने अपनी शिकायत में बताया कि हरिराम और उसकी पत्नी विमलावती उसके बगीचे में सागौन का पेड़ काट रहे थे। जब उसने उन्हें पेड़ काटने से मना किया, तो दोनों वहां से चले गए। आरोप है कि उसी दिन कुछ देर बाद हरिराम अपने परिवार के लोगों और नेपाल से आए दो अन्य व्यक्तियों को साथ लेकर संतबली के घर पहुंचा। सभी के हाथों में लाठी-डंडे थे। घर पहुंचते ही उन्होंने गाली-गलौज कर संतबली के साथ मारपीट शुरू कर दी। हमलावरों से बचने को संतबली घर से बाहर निकला, तो आरोपी उसे पकड़ने के लिए पीछे भागे। जान बचाने को वह दोबारा अपने घर में घुस गया, लेकिन आरोपी भी घर में घुस गए और उसे घेरकर पीटने लगे। गला दबाकर जान से मारने की कोशिश आरोप है कि हरिराम ने संतबली को उठाकर जमीन पर पटक दिया और उसके ऊपर चढ़कर गला दबाकर जान से मारने की कोशिश की। इस दौरान संतबली की पत्नी उसे बचाने आई तो आरोपियों ने उसके साथ भी मारपीट की। शोर सुनकर खेत से लौट रहा संतबली का बेटा और गांव के लोग मौके पर पहुंचे। सिरपत (महादेव के बेटे), राजेंद्र (सोहनू के बेटे) समेत अन्य ग्रामीण वहां इकट्ठा हो गए। ग्रामीणों के जुटने के बाद आरोपी वहां से भाग गए। आरोप है कि जाते समय आरोपियों ने घर का दरवाजा भी तोड़ दिया और धमकी दी कि अगर पुलिस में शिकायत की तो जान से मार देंगे और झूठे केस में फंसा देंगे।
सागौन का पेड़ काटने से रोका तो जानलेवा हमला:सिद्धार्थनगर में 75 दिन बाद दर्ज केस, गला दबाकर हत्या की कोशिश का आरोप
सिद्धार्थनगर के चिल्हिया थाना क्षेत्र के बर्डपुर 13 टोला मोतीपुर में सागौन का पेड़ काटने से रोकने पर हुए विवाद में 55 साल के संतबली पर जानलेवा हमला किया गया था। इस मामले में पुलिस ने घटना के 75 दिन बाद 1 सितंबर को केस दर्ज किया है। पुलिस ने हरिराम, उसकी पत्नी विमलावती, बेटे श्यामसुंदर और पवन, बेटियों सोनमती और शालू, श्यामसुंदर की पत्नी रुकसाही समेत दो अज्ञात लोगों को आरोपी बनाया है। सभी नामजद आरोपी बर्डपुर 13 टोला मोतीपुर के ही रहने वाले हैं। यह घटना 18 जून 2026 की शाम करीब पांच बजे हुई थी। पेड़ काटने से मना किया संतबली ने अपनी शिकायत में बताया कि हरिराम और उसकी पत्नी विमलावती उसके बगीचे में सागौन का पेड़ काट रहे थे। जब उसने उन्हें पेड़ काटने से मना किया, तो दोनों वहां से चले गए। आरोप है कि उसी दिन कुछ देर बाद हरिराम अपने परिवार के लोगों और नेपाल से आए दो अन्य व्यक्तियों को साथ लेकर संतबली के घर पहुंचा। सभी के हाथों में लाठी-डंडे थे। घर पहुंचते ही उन्होंने गाली-गलौज कर संतबली के साथ मारपीट शुरू कर दी। हमलावरों से बचने को संतबली घर से बाहर निकला, तो आरोपी उसे पकड़ने के लिए पीछे भागे। जान बचाने को वह दोबारा अपने घर में घुस गया, लेकिन आरोपी भी घर में घुस गए और उसे घेरकर पीटने लगे। गला दबाकर जान से मारने की कोशिश आरोप है कि हरिराम ने संतबली को उठाकर जमीन पर पटक दिया और उसके ऊपर चढ़कर गला दबाकर जान से मारने की कोशिश की। इस दौरान संतबली की पत्नी उसे बचाने आई तो आरोपियों ने उसके साथ भी मारपीट की। शोर सुनकर खेत से लौट रहा संतबली का बेटा और गांव के लोग मौके पर पहुंचे। सिरपत (महादेव के बेटे), राजेंद्र (सोहनू के बेटे) समेत अन्य ग्रामीण वहां इकट्ठा हो गए। ग्रामीणों के जुटने के बाद आरोपी वहां से भाग गए। आरोप है कि जाते समय आरोपियों ने घर का दरवाजा भी तोड़ दिया और धमकी दी कि अगर पुलिस में शिकायत की तो जान से मार देंगे और झूठे केस में फंसा देंगे।































