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तेल कारोबारियों को महाराष्ट्र सरकार की बड़ी राहत, तुकाराम मुंढे के फैसले पर ब्रेक

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News Desk

मुंबई। महाराष्ट्र में खुले खाद्य तेल (लूज एडिबल ऑयल) का व्यापार करने वाले हजारों विक्रेताओं को शिंदे-फडणवीस सरकार से बड़ी राहत मिली है। खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) के आयुक्त तुकाराम मुंढे द्वारा बिना पैकिंग वाले खाद्य तेल पर प्रतिबंध लगाने और सख्ती बरतने के फैसले को राज्य सरकार ने एक वर्ष के लिए स्थगित कर दिया है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने स्पष्ट किया कि छोटे व्यापारियों को नए नियमों में ढलने के लिए यह छूट केवल 12 महीनों के लिए दी जा रही है, जिसके पश्चात मानकों का पालन अनिवार्य होगा।

FDA ने खुले तेल को बताया था असुरक्षित

उल्लेखनीय है कि पिछले माह FDA कमिश्नर तुकाराम मुंढे ने उपभोक्ताओं से खुला तेल न खरीदने की अपील की थी। उनका तर्क था कि बिना पैकिंग वाले तेल में मिलावट की आशंका सबसे अधिक होती है, जो जनस्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। इसके बाद FDA ने सख्त निर्देश जारी किए थे, जिसके खिलाफ छोटे व्यापारियों में भारी असंतोष था।

फडणवीस ने कारोबारियों के साथ की बैठक

मंगलवार को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मंत्रालय में तेल व्यापारी प्रतिनिधियों के साथ उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। इस बैठक में उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार, राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले और FDA मंत्री नरहरि झिरवाल भी उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने माना कि ग्रामीण क्षेत्रों में खुले तेल की मांग अधिक है और हजारों छोटे परिवारों की आजीविका इससे जुड़ी है। अतः खाद्य सुरक्षा और व्यापारियों के हितों के मध्य संतुलन बनाना आवश्यक है।

कारोबारियों की मदद के लिए बनेंगी दो समितियां

नियमों के सुचारू क्रियान्वयन हेतु सरकार ने दो विशेष समितियों के गठन का निर्णय लिया है:

  • प्रथम समिति: पारंपरिक तेल विक्रेताओं की व्यावहारिक समस्याओं का अध्ययन करेगी और उन्हें विधिक बदलावों के अनुरूप तैयार करेगी।

  • द्वितीय समिति: रिपैकेजिंग, प्रोसेसिंग और मैन्युफैक्चरिंग से जुड़ी बुनियादी सुविधाओं के विकास पर अपनी रिपोर्ट देगी।

दोनों समितियों को एक माह के भीतर अपनी सिफारिशें शासन को सौंपनी होंगी।

पैकेजिंग और गुणवत्ता जांच की सुविधा पर जोर

सरकार का प्रयास है कि व्यापारियों को तेल की गुणवत्ता जांचने और पैकेजिंग के लिए बुनियादी ढांचा उपलब्ध कराया जाए। इसके लिए आवश्यकता पड़ने पर वित्तीय अनुदान (सब्सिडी) देने का विकल्प भी खुला रखा गया है। मुख्यमंत्री ने कड़े शब्दों में दोहराया कि यह एक वर्ष की मोहलत केवल तैयारियों के लिए है, इसके बाद गुणवत्ता नियमों में कोई समझौता या छूट प्रदान नहीं की जाएगी।

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