
ललिया थाना क्षेत्र के परसाहवा गांव के पास गन्ने के खेत में तेंदुआ दिखाई देने से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। शुक्रवार रात तेंदुए ने एक कुत्ते को अपना शिकार बना लिया। शनिवार सुबह झाड़ियों में कुत्ते के अवशेष मिलने के बाद ग्रामीणों में भय और बढ़ गया। तेंदुए के खेत जाने में डर रहे किसान तेंदुए की मौजूदगी के कारण किसान खेतों में जाने से डर रहे हैं। इससे फसलों की रखवाली प्रभावित हो रही है। ग्रामीणों का कहना है कि खेतों में बेसहारा पशुओं के झुंड घुसकर फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं, लेकिन तेंदुए के भय से किसान रात में खेतों की निगरानी नहीं कर पा रहे हैं। परसाहवा गांव के अलावा पहाड़ी नाला हेगहा, परसवा, मदारगढ़, सिंहपुर, झरिहरडीह, सिटकिहवा और हरीपुरवा गांवों के लोग भी तेंदुए की मौजूदगी से भयभीत हैं। ग्रामीणों ने वन विभाग से जल्द तेंदुए को पकड़ने और क्षेत्र में निगरानी बढ़ाने की मांग की है। ग्रामीणों ने हांका लगाकर किया खदेड़ने का प्रयास ग्रामीण स्वामीनारायण, भगवान प्रसाद, श्याम कुमार, सहज राम, सुनील कुमार, बिक्रम, लाला राम, सुमन, संतोष कुमार, राजेश कुमार, राम चरित, रमेश कुमार और बब्लू सहित कई लोगों ने बताया कि तेंदुआ दिखाई देने पर ग्रामीणों ने एकजुट होकर हांका लगाया और उसे खदेड़ने का प्रयास किया। इसके बाद तेंदुआ भागकर पास स्थित एक पुराने ईंट भट्ठे की ओर चला गया। वन विभाग ने लोगों को किया सतर्क बनकटवा रेंज के वन क्षेत्राधिकारी शत्रुघ्न लाल ने बताया कि वन विभाग की ओर से ग्रामीणों को सतर्क और जागरूक किया गया है। लोगों को छोटे बच्चों और पालतू जानवरों को सुरक्षित रखने की सलाह दी गई है। वन विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे कृषि कार्य या खेतों की निगरानी के लिए अकेले न जाएं। खेतों में लाठी-डंडों के साथ समूह बनाकर जाने की सलाह दी गई है। साथ ही ग्रामीणों से तेंदुआ दिखाई देने पर उसके पास न जाने और तत्काल वन विभाग या पुलिस को सूचना देने को कहा गया है।



























