फूलगोभी की खेती अक्टूबर में किसानों के लिए न केवल उच्च उत्पादन बल्कि बेहतर मुनाफा भी सुनिश्चित करती है। उन्नत किस्मों का चयन और सही नर्सरी प्रबंधन से किसान अपनी आमदनी दोगुनी कर सकते हैं।
अक्टूबर का महीना नई फसल की तैयारी के लिए महत्वपूर्ण है। जो किसान सब्जी की खेती में जुटे हुए हैं, उनके लिए फूलगोभी की फसल लाभदायक है। इस मौसम में इसकी मांग और खपत सबसे ज्यादा होती है, जिससे किसानों को ऊंचे दाम मिलते हैं। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, उन्नत किस्मों और बेहतर नर्सरी प्रबंधन के जरिए किसान अधिक उत्पादन और लाभ कमा सकते हैं। आइए आपको फूलगोभी की पांच किस्मों को बताते हैं, जो काफी लोकप्रिय और मुनाफे वाली हैं।
1-पूसा स्नोवॉल
पूसा स्नोवॉल किस्म 70 से 80 दिनों में तैयार हो जाती है। इसके फूल बड़े, सफेद और घने होते हैं। यह सामान्य रोगों के प्रति प्रतिरोधी है और प्रति हेक्टेयर 25 से 30 टन उपज देती है। अक्टूबर माह में इसकी खेती बेहद लाभदायक मानी जाती है।
2-पूसा शरद
यह किस्म 90 से 100 दिनों में तैयार होती है और 25-27 टन प्रति हेक्टेयर उत्पादन देती है। देशभर के किसान इसे बड़े पैमाने पर उगाते हैं क्योंकि यह विभिन्न जलवायु परिस्थितियों में भी अच्छा उत्पादन देती है।
3-पूसा शक्ति
80 से 90 दिनों में तैयार होने वाली पूसा शक्ति लगभग 44 टन प्रति हेक्टेयर तक उपज देती है। यह सफेद सड़न और काला दाग जैसी बीमारियों के प्रति प्रतिरोधी है और कटाई के बाद लंबे समय तक ताजा रहती है।
4-काशी अघेनी
काशी अघेनी लगभग 90 से 100 दिनों में तैयार होती है और 25 टन प्रति हेक्टेयर तक उपज देती है। स्वाद और गुणवत्ता की वजह से बाजार में इसकी हमेशा मांग बनी रहती है।
5-पंत शुभ्रा
यह किस्म 25 से 27 टन प्रति हेक्टेयर तक उत्पादन देती है। इसके फूल शुद्ध सफेद और कोमल होते हैं, जिससे उपभोक्ताओं के बीच यह पसंदीदा है।
जानें, ये जरूरी सलाह
कृषि विशेषज्ञ कहते हैं कि 15 अक्टूबर से पहले अगेती किस्में लगाना सबसे बेहतर है। नर्सरी ऊंचाई वाली जगह पर तैयार करें, जहां धूप और वेंटिलेशन अच्छा हो। मिट्टी को भुरभुरी बनाकर गोबर की सड़ी खाद मिलाएं। नर्सरी बेड का ट्रीटमेंट बाविस्टिन से और बीज का ट्रीटमेंट कैप्टान या थीराम से करना चाहिए। पौधों को रो-वाइज लगाएं ताकि उन्हें पर्याप्त जगह और वेंटिलेशन मिले।





