महाराष्ट्र में धर्म और इतिहास की लड़ाई तेज, शनिवार वाड़ा में नमाज़ पर नितेश राणे बोले- भावनाओं का अपमान बर्दाश्त नहीं होगा
पुणे के ऐतिहासिक शनिवार वाड़ा में कुछ मुस्लिम महिलाओं द्वारा नमाज पढ़े जाने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद महाराष्ट्र में एक बार फिर धर्म को लेकर राजनीति गरम हो गई। बीजेपी की राज्यसभा सांसद मेधा कुलकर्णी ने इसे ‘ऐतिहासिक धरोहर का अपमान’ करार दिया, जबकि देवेंद्र फडणवीस सरकार के मंत्री नितेश राणे ने इस पर कड़ा रुख अपनाया और मुस्लिम समुदाय को चेतावनी दी।
नितेश राणे ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी करते हुए कहा, “शनिवार वाड़ा हमारे इतिहास और शौर्य का प्रतीक है। यह हिंदू समाज के दिल के बहुत करीब है। अगर उधर नमाज पढ़ने का इतना शौक है, तो कल हमारे हिंदुत्व संगठनों द्वारा हाजी अली के बाहर हनुमान चालीसा का पाठ किया जाएगा, तब क्या आप लोगों की भावनाएँ आहत नहीं होंगी?”
राणे ने सवाल उठाया कि मुस्लिम समुदाय को नमाज क्यों मस्जिदों के बजाय ऐतिहासिक धरोहरों में पढ़नी पड़ रही है। उन्होंने कहा, “जहाँ प्रार्थना के लिए जगह दी गई है, वहाँ प्रार्थना करनी चाहिए।”
बीजेपी नेता ने आगे चेतावनी दी, “अगर हमारे हिंदुत्व कार्यकर्ता आवाज उठाएंगे तो सही किया। वरना कल हाजी अली के बाहर जोरदार हनुमान चालीसा या महा आरती होगी, और किसी को भी आपत्ति नहीं होनी चाहिए।”
बीते रविवार (19 अक्टूबर) को सकल हिंदू समाज और पतित पावन संगठन के साथ मिलकर सांसद मेधा कुलकर्णी शनिवार वाड़ा पहुँचीं। इस दौरान नमाज की जगह पर गौमूत्र छिड़ककर और गोबर से ‘शुद्धिकरण’ किया गया। प्रदर्शन के दौरान पुलिस और आंदोलनकारियों के बीच झड़प भी हुई। काफी प्रयासों के बाद पुलिस ने माहौल पर नियंत्रण पाया।













