दीपावली की रात हिंदू परिवार पर सुनियोजित हमला,‘पटाखे का विवाद’ बन गया जिहादी हमला, महिलाओं-बुजुर्गों तक को नहीं छोड़ा; 16 नामजद, चार गिरफ्तार
उत्तर प्रदेश के बागपत में दीपावली की खुशियां उस वक्त दहशत में बदल गईं जब पटाखे छुड़ाने को उन्मादी भीड़ ने हिन्दू परिवार पर हमला कर दिया। मामूली कहासुनी ने हिंसक रूप ले लिया और एक मुसलमानों के करीब 25 लोगों ने अकेले हिन्दू के घर पर धावा बोल दिया। लाठी-डंडों से लैस भीड़ ने जमकर उत्पात मचाया, जिससे कई लोग बुरी तरह घायल हो गए। पुलिस ने मामले में 16 लोगों पर मुकदमा दर्ज कर चार हमलावरों को गिरफ्तार किया है।
घटना बुधवार देर रात बागपत के गांव बदरखा की है। बताया जा रहा है कि प्रमेंद्र की बेटियां बुलबुल और आयुषी अपने घर के बाहर पटाखे जला रही थीं। तभी एक पटाकहे का एक टुकरा सामने वाले घर में जा गिरा, जो मेहरद्दीन का था। इसी बात को लेकर दोनों परिवारों में कहासुनी शुरू हो गई। गांव के बुजुर्गों की दखल के बाद मामला किसी तरह शांत कराया गया, लेकिन रात बढ़ते-बढ़ते गुस्सा फट पड़ा।
आधी रात में हमला, परिवार पर टूटा कहर
करीब 11 बजे रात मेहरद्दीन अपने परिजनों और 25 से अधिक लोगों के साथ प्रमेंद्र के घर पहुंच गया। अचानक हुए हमले में लाठी-डंडों से लैस भीड़ ने घर में घुसकर तोड़फोड़ की और परिजनों को बेरहमी से पीटा। झगड़े में प्रमेंद्र, उनकी पत्नी अनीता, भाई अरविंद (जो होमगार्ड में तैनात हैं), भाभी रवीता, पिता करण सिंह और माता जगवती गंभीर रूप से घायल हो गए।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई, चार आरोपी हवालात में
सूचना मिलते ही पुलिस बल मौके पर पहुंचा और दोनों पक्षों के घायलों को अस्पताल भिजवाया। थाना प्रभारी शिवदत्त सिंह ने बताया कि प्रमेंद्र की तहरीर पर 16 आरोपितों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने मुख्य आरोपी मेहरद्दीन, उसकी पत्नी शबीना, बेटा यामीन और शबनम को गिरफ्तार कर लिया है। बाकी फरार आरोपितों की तलाश की जा रही है।
थाना प्रभारी ने कहा कि “पटाखा जलाने के विवाद ने दो समुदायों के बीच तनाव बढ़ा दिया था। हालात अब नियंत्रण में हैं और गांव में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।”











