मुम्बई में कबूतरखानों पर प्रतिबंध के खिलाफ जैन मुनि नीलेशचंद्र ‘1 नवंबर से आज़ाद मैदान में करेंगे अनशन

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मुंबई में कबूतरखानों को बंद किए जाने के बाद जैन समुदाय में आक्रोश का माहौल है। इसी पृष्ठभूमि में, जैन मुनि नीलेशचंद्र विजय ने 1 नवंबर से मुम्बई के आज़ाद मैदान में अनशन करने की घोषणा की।

मुंबई के दादर स्थित कबूतरखानों को बंद किए जाने के बाद जैन समुदाय में आक्रोश का माहौल है। इसी पृष्ठभूमि में, जैन मुनि नीलेशचंद्र विजय ने 1 नवंबर से मुम्बई के आज़ाद मैदान में अनशन करने की घोषणा की है।कबूतरखानों पर प्रतिबंध के फैसले का विरोध करते हुए उन्होंने कुछ दिन पहले हथियार उठाने की चेतावनी भी दी थी।

हालांकि, अब उन्होंने शांतिपूर्ण तरीके से विरोध करने का फैसला किया है और दिवाली के बाद 1 नवंबर से आज़ाद मैदान में अनशन पर बैठेंगे। जैन समुदाय का मानना है कि कबूतरखाने उनकी धार्मिक परंपरा का हिस्सा हैं और इन्हें बंद करना धार्मिक भावनाओं का अपमान है।

इसलिए, समुदाय इस फैसले के खिलाफ आक्रामक होता दिख रहा है। 7 अगस्त को BMC ने दादर में स्थित कबूतरखाने को ढक दिया और बिना इजाज़त खुले में कबूतर और पक्षियों को दाना डालने पर पाबंदी लगा दी थी। BMC के इस आदेश को जैन समाज ने बॉम्बे हाईकोर्ट में चुनौती दी और आदेश पर रोक लगाने की मांग की थी..जिससे हाईकोर्ट ने इनकार कर दिया था।

बता दें कि मुंबई में कबूतरों को दाना खिलाने पर प्रतिबंध है, जो बॉम्बे हाईकोर्ट के आदेश के बाद जुलाई 2025 को लागू हुआ है। प्रतिबंध का कारण सार्वजनिक स्वास्थ्य जोखिम है, क्योंकि कबूतरों के मलमूत्र से सांस संबंधी बीमारियों का खतरा बढ़ रहा था। बीएमसी ने दादर कबूतरखाना सहित शहर के 51 कबूतरखानों को बंद करने और दाना डालने वालों पर FIR दर्ज करने का आदेश दिया है।