महराजगंज: निचलौल के बरोहिया चौराहे पर मटन-चिकन की दुकानों का बढ़ता जाल, स्थानीय लोग परेशान; प्रशासन की चुप्पी पर सवाल

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रिपोर्ट: ब्यूरो कार्यालय।
महराजगंज। जिले के निचलौल थाना क्षेत्र अंतर्गत बरोहिया चौराहे पर इन दिनों मटन और चिकन की दुकानें बेरोकटोक ढंग से कुकुरमुत्तों की तरह फैलती जा रही हैं, जिससे स्थानीय निवासियों में भारी रोष व्याप्त है। बरोहिया चौराहा, जो एक व्यस्त और भीड़भाड़ वाला इलाका है, वहां पर नियम-कानून को ताक पर रखकर ये दुकानें मनमाने तरीके से स्थापित की जा रही हैं।

स्थानीय लोगों का कहना है कि मटन-चिकन विक्रेता बिना किसी अनुमति या स्थान निर्धारण के, जहां उनकी मर्जी होती है, वहीं तंबू लगाकर धड़ल्ले से कारोबार शुरू कर देते हैं। स्थिति यह है कि ये दुकानें अक्सर चाय और फास्ट फूड की दुकानों के ठीक अगल-बगल ही खोल दी जा रही हैं। इससे न केवल इलाके का सौंदर्य बिगड़ रहा है, बल्कि साफ-सफाई और स्वास्थ्य संबंधी चिंताएं भी बढ़ गई हैं। लंबे समय से स्थानीय नागरिक मांग कर रहे हैं कि इन मटन-चिकन की दुकानों को भीड़भाड़ वाले रिहायशी और व्यावसायिक क्षेत्र से हटाकर, किसी एक निश्चित और अलग-थलग स्थान पर स्थानांतरित किया जाए।

लोगों का तर्क है कि खुले में इस प्रकार की मांस की बिक्री से गंदगी फैलती है और खासकर महिलाओं व बच्चों को वहां से गुजरने में असहजता महसूस होती है।आरोप है कि इन अनधिकृत दुकानों के लगातार खुलने और मनमाने स्थानों पर संचालन के पीछे पुलिस और स्थानीय प्रशासन की घोर निष्क्रियता है। स्थानीय लोगों का मानना है कि यदि प्रशासन सख्त कदम उठाता और नियमों का पालन करवाता, तो ये विक्रेता इतनी मनमानी नहीं कर पाते। प्रशासन की इसी ‘देखकर भी अनदेखी’ करने की नीति के कारण मटन-चिकन विक्रेताओं के हौसले बुलंद हैं।


प्रशासन की इस ढिलाई और विक्रेताओं की मनमर्जी के कारण बरोहिया चौराहे के निवासियों और दुकानदारों में गहरी नाराजगी है। लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही इन दुकानों को व्यवस्थित और नियमानुसार स्थान पर नहीं हटाया गया, तो वे विरोध-प्रदर्शन के लिए बाध्य होंगे। अब देखना यह है कि निचलौल पुलिस और स्थानीय प्रशासन जनता की इस गंभीर मांग पर कब संज्ञान लेते हैं और इस समस्या के समाधान के लिए क्या ठोस कदम उठाते हैं।