मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) ने मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेला के तहत विभिन्न प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और उपकेंद्रों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान कार्य में लापरवाही पाए जाने पर सात स्वास्थ्य कर्मियों का सात दिन का वेतन रोक दिया गया है।
उपकेंद्र उचेठा के निरीक्षण में सीएचओ आरुषि देवी मुख्यालय पर अनुपस्थित पाई गईं और न ही वे वहां निवास कर ड्यूटी कर रही थीं। केंद्र पर साफ-सफाई की व्यवस्था भी असंतोषजनक थी। सीएमओ ने आरुषि देवी का अक्टूबर माह का सात दिन का वेतन अगले आदेश तक बाधित कर दिया।

उपकेंद्र अवसानपुर में एएनएम बबीता देवी भी मुख्यालय पर निवास नहीं कर रही थीं। यहां भी साफ-सफाई की स्थिति खराब मिली। चिकित्सा अधीक्षक को निर्देश दिया गया कि जब तक एएनएम मुख्यालय पर रहकर प्रसव कार्य नहीं करतीं, तब तक उनका अक्टूबर 2025 का सात दिन का वेतन बाधित रहेगा।
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ममहर के निरीक्षण के दौरान सभी अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित मिले। स्टॉक बुक का निरीक्षण किया गया, जिसमें 145 दवाएं उपलब्ध थीं। फार्मासिस्ट ने एक्सपायरी दवाओं का रजिस्टर बनाया था, लेकिन कंडोम बॉक्स में कंडोम नहीं मिले, जिसके लिए तत्काल व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए। स्वास्थ्य केंद्र की साफ-सफाई भी संतोषजनक नहीं थी, जिस पर प्रभारी चिकित्सा अधिकारी को ध्यान देने को कहा गया।

प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र गिर्दबड़गांव में सभी अधिकारी-कर्मचारी मौजूद पाए गए। हालांकि, मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेला का रोस्टर नहीं बना था, जिसे तत्काल बनवाने के निर्देश दिए गए। स्टॉक बुक के अवलोकन में 83 दवाएं उपलब्ध मिलीं। आयुष चिकित्सा अधिकारी डॉ. अरुण कुमार सिंह ने 86 मरीजों को देखा, जबकि कुल 189 मरीजों का उपचार किया गया।











