श्रावस्ती जनपद के इकौना क्षेत्र में हफ्ते भर पहले हुए सड़क हादसे में एक युवक की मौत हो गई थी, जबकि उसका भाई गंभीर हालत में लखनऊ में भर्ती है। परिवार ने आरोप लगाया कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CSC) इकौना में टांके के लिए धागा नहीं दिया गया, लेकिन अस्पताल अधीक्षक ने इसे भ्रामक बताया। इस बयान ने पीड़ित परिवार की नाराजगी और बढ़ा दी।
इस मामले की जानकारी मिलने पर भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) के मध्यांचल महासचिव विनोद कुमार शुक्ला सात सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल के साथ कंजड़वा में पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे। उन्होंने हादसे की पूरी जानकारी ली और घायल युवक के इलाज के लिए कुछ आर्थिक मदद देने की घोषणा की।

स्वास्थ्य सुविधाओं पर उठाए सवाल
विनोद कुमार शुक्ला ने कहा कि सरकार स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है, लेकिन गरीब और किसान तक उनका लाभ न पहुंचना दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने घटना की निंदा की और पीड़ित परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की। पीड़ित परिवार ने बताया कि उन्होंने टांके के लिए ऑनलाइन भुगतान भी किया था, लेकिन विभाग अब तक जांच और कार्रवाई नहीं कर रहा है।
कार्रवाई के लिए अल्टीमेटम
शुक्ला ने बताया कि उन्होंने 25 अक्टूबर तक कार्रवाई के लिए अल्टीमेटम दिया था। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई और तथ्यों को जनता के सामने उजागर नहीं किया गया, तो भारतीय किसान यूनियन बड़ा आंदोलन शुरू करेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक दोषियों पर कार्रवाई नहीं होती, यह मुद्दा मजबूती से उठाया जाएगा।

















