सिद्धार्थनगर में 22 अक्टूबर को प्रतिमा विसर्जन के दौरान हुई मारपीट के मामले में 26 अक्टूबर को मोहाना थाने के एसओ समेत चार पुलिसकर्मियों पर एफआईआर दर्ज कर ली गई है। उनकी गिरफ्तारी के लिए टीम भी गठित कर दी गई है। वहीं चारो पुलिसकर्मी फरार चल रहे हैं।
मामला 22 अक्टूबर का है जब रजनीश पटेल को मोहाना थाना पुलिस के चार सिपाहियों ने बाइक पर बैठाकर कहीं ले गए थे। बेरहमी से पीटा और सड़क किनारे फेंक दिया। डीआईजी बस्ती रेंज संजीव त्यागी ने इस मामले में शनिवार देर रात कार्रवाई करते हुए थाना प्रभारी रोहित कुमार उपाध्याय समेत चार पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया।
घायल युवक रजनीश को बर्डपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में प्राथमिक उपचार के बाद स्थिति गंभीर देखते हुए सिद्धार्थनगर मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया। स्थिति में सुधार न होने पर उसे पहले गोरखपुर मेडिकल कॉलेज और फिर लखनऊ भेजा गया। फिलहाल लखनऊ में उसका इलाज चल रहा है।

परिजनों ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए
रजनीश के परिजनों ने आरोप लगाया कि प्रतिमा विसर्जन के दौरान किसी बात पर कहासुनी हुई थी, जिसके बाद पुलिस ने युवक को जबरन उठाकर पीटा और सड़क किनारे फेंक दिया। उन्होंने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। पुलिस अधीक्षक डॉ. अभिषेक महाजन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल जांच के आदेश दिए। जांच की जिम्मेदारी सीओ सदर विश्वजीत सौरयान को सौंपी गई है, और तीन दिन के भीतर रिपोर्ट तलब की गई है।
डीआईजी का हस्तक्षेप, तत्काल निलंबन
डीआईजी बस्ती रेंज संजीव त्यागी ने शनिवार देर रात सिद्धार्थनगर पहुंचकर मामले की गहन समीक्षा की। प्रारंभिक जांच में स्पष्ट हुआ कि स्थानीय पुलिस ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया और छुपाने की कोशिश की। इसके बाद थाना प्रभारी मोहाना रोहित कुमार उपाध्याय और चार सिपाहियों (राजन सिंह, मनोज यादव, अभिषेक गुप्ता और मंजीत सिंह) को निलंबित कर दिया गया।
डीआईजी ने कहा, “यह अत्यंत गंभीर मामला है। पुलिसकर्मियों का कर्तव्य नागरिकों की सुरक्षा करना है, न कि किसी के साथ अत्याचार। दोषियों के खिलाफ केस दर्ज कर जेल भेजने की कार्रवाई की जाएगी। कोई भी अपराध बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।”

आगे की कार्रवाई
डीआईजी के निर्देश पर निलंबित पुलिसकर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर गिरफ्तारी प्रक्रिया शुरू की जा रही है। इसके साथ ही विभागीय जांच भी अलग से चलेगी। घटना की जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगा कि युवक की इस हालत के लिए कौन जिम्मेदार है। फिलहाल इतनी बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई ने पुलिस विभाग में हड़कंप मचा दिया है और पूरे जिले में यह मामला चर्चा का विषय बन गया है।
एडीजी ने कहा- होगी सख्त कार्रवाई
अपर पुलिस महानिदेशक, गोरखपुर जोन गोरखपुर अशोक मुथा जैन द्वारा मोहाना थाना क्षेत्र में घटित घटना से संबंधित घटनास्थल का निरीक्षण किया गया। एडीजी ने मौके पर पहुंचकर मामले की विस्तृत जानकारी ली तथा घायल रजनीश पटेल के घर जाकर उनके परिजनों से मुलाकात की।
अपर पुलिस महानिदेशक श्री जैन ने परिजनों को आश्वस्त किया कि घटना में दोषी पाए जाने वाले पुलिस कर्मियों के विरुद्ध कठोरतम कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि मामले की जांच निष्पक्ष एवं पारदर्शी ढंग से की जाए और आरोपी पुलिस कर्मियों की त्वरित गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाए। एडीजी ने यह भी बताया कि घायल के इलाज में लखनऊ पुलिस और स्थानीय प्रशासन पूर्ण सहयोग प्रदान कर रहे हैं, तथा प्रकरण की निरंतर मॉनिटरिंग उच्चाधिकारियों द्वारा की जा रही है।

















