Women offered prayers to the setting sun in Shravasti. | श्रावस्ती में महिलाओं ने डूबते सूर्य को अर्घ्य दिया: छठ महापर्व पर की परिवार के सुख-समृद्धि की कामना – Shravasti News

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पवन वर्मा | श्रावस्ती8 मिनट पहले

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श्रावस्ती में सोमवार शाम छठ पूजा के अवसर पर महिलाओं ने डूबते सूर्य को अर्घ्य दिया। इस दौरान उन्होंने अपने पति, संतान और परिवार की सुख-समृद्धि व मंगल कामना की। मंगलवार सुबह उगते सूर्य को अर्घ्य देने के साथ यह पर्व संपन्न होगा।

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श्रद्धालुओं ने सीताद्वार और तिलकपुर गांव के सोनवा तालाब में बनाए गए कृत्रिम जलकुंड में खड़े होकर सूर्य देव की उपासना की। पूजा में फल, फूल, गन्ना, गुड़ व घी से बने ठेकुआ और चावल के आटे व गुड़ से बने भूसवा जैसे पारंपरिक व्यंजन अर्पित किए गए।

छठ पूजा का यह पर्व दीपावली के छह दिन बाद शुरू होता है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, इसकी शुरुआत महाभारत काल में हुई थी। यह पूजा सूर्य देव और छठी मैया को समर्पित है, जिनके माध्यम से परिवार के स्वास्थ्य, दीर्घायु और सुख-समृद्धि की कामना की जाती है।

एक मान्यता के अनुसार, सूर्य पुत्र अंगराज कर्ण प्रतिदिन जल में खड़े होकर सूर्य की उपासना करते थे। कहा जाता है कि उनकी उपासना के बाद कोई भी याचक खाली हाथ नहीं लौटता था। इसी परंपरा के साथ कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की षष्ठी को भगवान सूर्य की उपासना की जाती है।

एक अन्य पौराणिक कथा के अनुसार, जब पांडव कठिन समय से गुजर रहे थे, तब द्रौपदी ने छठ व्रत रखकर सूर्य देव से परिवार के कल्याण की प्रार्थना की थी। उनकी कृपा से पांडवों को शक्ति और समृद्धि प्राप्त हुई थी।