Chhath Puja fasting concluded in Shravasti | श्रावस्ती में छठ पूजा व्रत संपन्न: महिलाओं ने सुबह सवेरे उगते सूर्य को अर्घ्य देकर की सुख-समृद्धि की कामना – Shravasti News

0
2

पवन वर्मा | श्रावस्ती4 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

श्रावस्ती में छठ पूजा का चार दिवसीय अनुष्ठान मंगलवार को उगते सूर्य को अर्घ्य देने के साथ संपन्न हो गया। सोमवार शाम को डूबते सूर्य को अर्घ्य दिया गया था, जिसके बाद मंगलवार सुबह महिलाओं ने परिवार की सुख-समृद्धि और संतान की मंगल कामना के लिए उगते सूर्य को अर्घ्य देकर व्रत पूरा किया।

मंगलवार सुबह श्रद्धालुओं ने सर्वामाई धाम भिनगा, सीताद्वार सीतासरोवर कुंड और तिलकपुर गांव के सोनवा तालाब में बनाए गए कृत्रिम जलकुंडों में खड़े होकर सूर्य देव को अर्घ्य अर्पित किया। इस दौरान फल, फूल, गन्ना, गुड़ व घी से बने ठेकुआ और चावल के आटे व गुड़ से बने भूसवा जैसे पारंपरिक व्यंजनों का भोग लगाया गया।

देखें 3 तस्वीरें…

छठ पूजा पर्व दीपावली के छह दिन बाद शुरू होता है। कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की षष्ठी को भगवान सूर्य की उपासना के लिए यह उत्सव मनाया जाता है। यह पूजा सूर्य देव और छठी मैया को समर्पित है, जिसके माध्यम से परिवार की सुख-समृद्धि, स्वास्थ्य और दीर्घायु की कामना की जाती है।

पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, छठ पूजा की शुरुआत महाभारत काल में हुई थी। ऐसी मान्यता है कि सूर्य पुत्र अंगराज कर्ण प्रतिदिन सुबह जल में खड़े होकर सूर्य की उपासना करते थे। वहीं, जब पांडव कठिन समय से गुजर रहे थे, तब द्रौपदी ने छठ व्रत रखकर सूर्य देव से परिवार के कल्याण की प्रार्थना की थी, जिससे उन्हें शक्ति और समृद्धि प्राप्त हुई थी।