इटवा14 मिनट पहले
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इटवा के खुनियांव ब्लॉक स्थित नवेल गांव में नौ दिवसीय संगीतमयी श्रीमद्भागवत कथा का शुभारंभ मंगलवार को भव्य कलश यात्रा के साथ हुआ। इस आयोजन में क्षेत्रभर से बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए।कलश यात्रा की तैयारी सुबह से ही कार्यक्रम स्थल पर शुरू हो गई थी। जैसे-जैसे समय बढ़ा, श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ती गई।

महिलाएं पीले और केसरिया वस्त्र धारण कर कलश लेकर पहुंचीं। दोपहर में धूमधाम से यह कलश यात्रा निकाली गई।यह यात्रा यज्ञ स्थल से शुरू होकर विभिन्न मार्गों से होते हुए बदलिया, ग्राम चौखड़ा और शाहपुर से डुमरियागंज स्थित राप्ती नदी तट पर पहुंची।
यहां ‘जय श्रीराम’ और ‘हर-हर महादेव’ के जयकारों से वातावरण गूंज उठा। कलश पूजन के बाद पंडित शशिकांत शास्त्री ने मंत्रोच्चार के साथ कलश में जल भरा।जल भरने के बाद यात्रा वापस यज्ञ स्थल लौटी। इस दौरान भक्ति गीतों पर लोग झूमते रहे और श्रद्धालुओं के जयघोष से पूरा माहौल भक्तिमय हो गया।
यज्ञ स्थल पर पहुंचकर कलश को विधि-विधान से स्थापित किया गया।भागवत कथा में प्रतिदिन अयोध्या धाम से पधारे उत्तम कृष्ण शास्त्री जी महाराज द्वारा कथा का रसपान कराया जाएगा। उन्होंने बताया कि कथा श्रवण से कई जन्मों के पापों से मुक्ति मिलती है और यह मनुष्य को जीवन के मर्म को समझाते हुए सत्य मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित करती है।

आयोजकों ने बताया कि संगीतमयी श्रीमद्भागवत कथा में प्रतिदिन प्रवचन कार्यक्रम होगा। कलश यात्रा के बाद 1 नवंबर को कृष्ण जन्मोत्सव मनाया जाएगा, जबकि 5 नवंबर को हवन पूर्णाहुति और प्रीतिभोज का आयोजन होगा। उन्होंने क्षेत्रवासियों से बड़ी संख्या में इस धार्मिक आयोजन में भाग लेकर पुण्य के भागीदार बनने का अनुरोध किया।
कलश यात्रा के दौरान मुख्य यजमान ठाकुर प्रसाद सोनी और विमला देवी सहित ओम प्रकाश मिश्रा, वेद प्रकाश, चंद्रभान सोनी, पवन कुमार सोनी, झिनकाई यादव, श्याम सुंदर और बड़ी संख्या में अन्य श्रद्धालु उपस्थित रहे।

















