इटवा क्षेत्र के कई गांवों में सुबह से लगातार कई घंटों से बारिश हो रही है। इस बारिश के कारण किसानों की फसलें क्षतिग्रस्त हो गई हैं, जिससे उनमें चिंता बढ़ गई है।
सूत्रों के अनुसार, यदि बारिश जारी रहती है, तो कई किसानों की फसलें पूरी तरह बर्बाद हो सकती हैं और उनकी साल भर की मेहनत पर पानी फिर जाएगा। इटवा के कई इलाकों में विशेष रूप से धान की फसलों को भारी नुकसान हुआ है।
बारिश से खेतों में खड़ी और कटी हुई दोनों तरह की फसलें प्रभावित हुई हैं। इससे किसानों को आर्थिक नुकसान के साथ-साथ अनाज की गुणवत्ता संबंधी समस्याओं का भी सामना करना पड़ रहा है।
बारिश और तेज हवाओं के कारण खेतों में खड़ी फसलें गिर गई हैं। इससे फसलों के सड़ने और दानों के काले पड़ने का खतरा बढ़ गया है।
अनाज की गुणवत्ता पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है; दाने पतले, हल्के और चमकहीन हो सकते हैं, जिससे उन्हें बाजार में उचित मूल्य नहीं मिल पाएगा। इसके अतिरिक्त, यदि कटी हुई फसलें अभी भी खेतों में पड़ी हैं और बारिश होती है, तो उनमें फफूंद लगने और अनाज के खराब होने की आशंका बढ़ जाती है।

















