श्रावस्ती के इकौना में लगभग 10 दिन पहले हुए सड़क हादसे में एक युवक की मौत हो गई थी, जबकि उसका भाई लखनऊ में भर्ती है। परिजनों ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र इकौना के इमरजेंसी ड्यूटी पर तैनात कर्मियों पर टांके के लिए धागा मंगाने का आरोप लगाया था।
अस्पताल अधीक्षक ने इस आरोप को भ्रामक बताया था, जिसके बाद पीड़ित परिवार की नाराजगी बढ़ गई। इसके बाद कई राजनीतिक दलों और भारतीय किसान यूनियन ने भी मामले में उचित कार्रवाई की मांग की थी। श्रावस्ती के मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) ने बीते रविवार को हादसे के दिन ड्यूटी पर तैनात चिकित्साधिकारी डॉ. अंकित कुमार, फार्मासिस्ट नरेंद्र पाल सिंह और वार्ड ब्वाय सुरेश कुमार सिंह को हटा दिया था।

हालांकि, पीड़ित परिवार इस कार्रवाई से संतुष्ट नहीं है और घटना के दिन से ही अधीक्षक पर कार्रवाई की मांग पर लगातार अड़ा हुआ है। परिवार की मांग है कि अधीक्षक को पद से हटाकर निलंबित किया जाए।परिवार ने सरकार को पत्र भेजने की बात कही है और कहा है कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं तो वे परिवार सहित धरने पर बैठेंगे। उन्होंने कार्रवाई के लिए अधिकतम तीन दिन का समय भी दिया है।
भीम आर्मी के प्रदेश संयोजक ने बताया कि अगले दो-तीन दिनों में वे धरने की रूपरेखा तैयार कर परिवार के साथ विरोध प्रदर्शन में शामिल होंगे। उन्होंने कहा कि यह राष्ट्रीय अध्यक्ष के आदेश पर किया जा रहा है और यदि मामला स्थानीय स्तर पर नहीं सुलझा तो चंद्रशेखर आजाद को भी जनपद आना पड़ सकता है।

















