Shravasti police made women and girls aware | श्रावस्ती पुलिस ने महिलाओं-बालिकाओं को किया जागरूक: सुरक्षा और आत्मनिर्भरता पर दिए टिप्स, सरकारी योजनाओं के बारे में विस्तार से बताया – Sirsiya(Shravasti) News

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आरिफ खान | सिरसिया(श्रावस्ती), श्रावस्ती18 मिनट पहले

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आयोजित कार्यक्रम। - Dainik Bhaskar

आयोजित कार्यक्रम।

श्रावस्ती पुलिस ने मिशन शक्ति 5.0 अभियान के तहत 2200 से अधिक महिलाओं और बालिकाओं को जागरूक किया। मंगलवार को जनपद के विभिन्न थाना क्षेत्रों में 20 स्थानों पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। इन कार्यक्रमों का उद्देश्य महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान, आत्मनिर्भरता और सशक्तिकरण को बढ़ावा देना था।यह अभियान पुलिस अधीक्षक राहुल भाटी के निर्देशन में, अपर पुलिस अधीक्षक मुकेश चंद्र उत्तम और क्षेत्राधिकारीगणों के पर्यवेक्षण में चलाया गया। इसमें भिनगा, इकौना, गिलौला, सिरसिया, गिरंट, मल्हीपुर, सोनवा, महिला थाना और नवीन मॉडर्न थाना सहित शक्ति मोबाइल टीमों ने भाग लिया।

इन सत्रों में प्रतिभागियों को महिला सुरक्षा से जुड़े कानूनी अधिकारों, आत्मरक्षा के व्यावहारिक प्रशिक्षण, साइबर सुरक्षा और घरेलू हिंसा से निपटने के उपायों के बारे में जानकारी दी गई। महिला बीट अधिकारियों ने आत्मरक्षा के गुर सिखाए और बताया कि आपात स्थिति में आसपास की सामान्य वस्तुओं का उपयोग करके खुद को कैसे सुरक्षित रखा जा सकता है।मिशन शक्ति टीमों ने साइबर सुरक्षा पर विशेष जोर दिया। महिलाओं को अज्ञात लिंक पर क्लिक न करने, ओटीपी या बैंक संबंधी जानकारी साझा न करने की सलाह दी गई। किसी भी संदिग्ध कॉल या साइबर अपराध की स्थिति में तुरंत 1930 या 112 नंबर पर संपर्क करने को कहा गया।कार्यक्रमों के दौरान, मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना, नारी शक्ति वंदन अधिनियम और रानी लक्ष्मीबाई बाल एवं महिला सम्मान कोष जैसी सरकारी योजनाओं के लाभों से भी महिलाओं को अवगत कराया गया।

उन्हें बताया गया कि उत्पीड़न या हिंसा की स्थिति में 1090, 181, 112, 108, 1098 या 1076 जैसी हेल्पलाइन पर सहायता प्राप्त की जा सकती है।विद्यालयों में आयोजित सत्रों में छात्राओं के साथ नारी सशक्तिकरण, आत्मनिर्भरता और लैंगिक समानता पर विस्तृत चर्चा हुई। छात्राओं ने मिशन शक्ति टीम के साथ संवाद किया, अपने विचार साझा किए और सुरक्षित समाज के निर्माण में सहयोग का संकल्प लिया।इस अवसर पर मिशन शक्ति टीमों ने संदेश दिया कि “हर बहू-बेटी का शिक्षित, जागरूक और आत्मनिर्भर होना ही समाज की असली शक्ति है।”