उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले के फैजगंज बेहटा थाना एक बार फिर चर्चा में है। यहां थाने के हेड मोहर्रिर राकेश यादव ने अपने ही थानाध्यक्ष पर कोर्ट में सोना कम जमा करने का गंभीर आरोप लगाकर महकमे में हलचल मचा दी। शिकायत सीधे वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) डॉ. बृजेश कुमार सिंह से की गई, जिसके बाद पुलिस विभाग ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के मुताबिक, हेड मोहर्रिर ने आरोप लगाया कि थानाध्यक्ष ने डकैती केस में बरामद माल में से 35 ग्राम सोना कम दिखाया और विरोध करने पर उन्हें धमकाया गया। उन्होंने यह भी कहा कि उनके हस्ताक्षर के तहत जमा माल में गड़बड़ी दिखाई गई है, जिससे उनकी नौकरी पर खतरा मंडरा सकता है।
ये था मामला
यह मामला फैजगंज बेहटा क्षेत्र के औरछी गांव में हुई डकैती से जुड़ा है। बीते दिनों नकाबपोश बदमाशों ने किन्नर टीना के घर पर धावा बोलकर करीब एक करोड़ रुपये का माल लूट लिया था — जिसमें लगभग 700 ग्राम सोना, 35 लाख नकद और चांदी के आभूषण शामिल थे।
पुलिस ने तेजी दिखाते हुए एक सप्ताह के भीतर नौ बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया और उनके पास से 700 ग्राम सोना, 2 किलो चांदी व 8.35 लाख रुपये बरामद किए। तीन आरोपी अब भी फरार हैं।
मंगलवार को मोहर्रिर राकेश यादव ने एसएसपी से मिलकर आरोप लगाया कि बरामद सोने में हेरफेर की गई है। शिकायत के बाद एसएसपी ने तत्काल प्रारंभिक जांच कराई, जिसमें यह पाया गया कि कोर्ट में पूरा सोना जमा है। फिर भी एहतियात के तौर पर जांच एसपी ग्रामीण हृदेश कटारिया को सौंप दी गई है।
एसएसपी डॉ. बृजेश कुमार सिंह ने बताया, “बरामद सोना पूरी तरह से कोर्ट में जमा किया जा चुका है। हेड मोहर्रिर को किसी भ्रम के कारण गलतफहमी हुई थी। मामले की निष्पक्ष जांच के लिए एसपी ग्रामीण को जिम्मेदारी दी गई है, और यदि किसी भी तरह की अनियमितता मिली तो कड़ी कार्रवाई होगी।”
एसएसपी ने कहा ये
इस घटना ने पुलिस विभाग की आंतरिक पारदर्शिता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक ही थाने में एसओ और मोहर्रिर के बीच ऐसे आरोप-प्रत्यारोप ने विभागीय तनाव को उजागर कर दिया है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही सच्चाई स्पष्ट हो पाएगी।












