लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने 1994 बैच के आईपीएस अधिकारी ध्रुव कांत ठाकुर को पुलिस महानिदेशक (डीजी) रैंक पर पदोन्नत कर दिया है। गृह विभाग की ओर से शनिवार को जारी अधिसूचना में कहा गया है कि ठाकुर 1 नवंबर 2025 से डीजी वेतनमान (लेवल-16, ₹2,05,400 – ₹2,24,400) ग्रहण करेंगे। शासन ने उनके पदोन्नयन पर राज्यपाल की सहमति प्रदान कर दी है।
कौन हैं ध्रुव कांत ठाकुर
ध्रुव कांत ठाकुर फिलहाल एडीजी, स्पेशल सिक्योरिटी फोर्स (SSF) के पद पर तैनात हैं। तीन दशक लंबे करियर में उन्होंने उत्तर प्रदेश पुलिस में कई अहम जिम्मेदारियां निभाई हैं — जिनमें एडीजी एटीएस, सीबीआई में विशेष पदस्थापन और लखनऊ पुलिस कमिश्नर के रूप में उल्लेखनीय कार्य शामिल हैं।
डीके ठाकुर की गिनती यूपी पुलिस के सख्त, संवेदनशील और अनुशासित अफसरों में की जाती है। अपने कार्यकाल में उन्होंने कानून व्यवस्था और जनसुलभ पुलिसिंग दोनों में संतुलन कायम रखा। लखनऊ में बतौर कमिश्नर उनकी तैनाती के दौरान छह नए थानों की स्थापना और एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट को थाने के समान सक्रिय इकाई के रूप में विकसित किया गया था।
बिहार में हुआ जन्म
बिहार के मधेपुरा में जन्मे ठाकुर ने वर्ष 1996 में एएसपी गोरखपुर के रूप में अपने करियर की शुरुआत की थी। वे गोंडा, हरदोई, वाराणसी, सुल्तानपुर, बागपत, चंदौली, कानपुर देहात, अंबेडकरनगर, उन्नाव और लखनऊ जैसे जिलों में एसपी/एसएसपी के रूप में कार्य कर चुके हैं।
ईमानदारी और निष्पक्षता के लिए प्रसिद्ध डीके ठाकुर को छह साल बाद अब डीजी रैंक की जिम्मेदारी दी गई है। यूपी पुलिस में उनकी पदोन्नति को उनके समर्पण और उत्कृष्ट सेवा का सम्मान माना जा रहा है।












