भारत के गौरव संग्राम सिंह ने एम्स्टर्डम में हुए लेवल्स फाइट लीग में ट्यूनीशिया के हकीम त्राबेल्सी को नॉकआउट कर भारत का नाम रोशन किया. यह जीत उनकी फिटनेस, अनुशासन और देश के लिए समर्पण की मिसाल है.
संग्राम सिंह 40 साल की उम्र में इस अंतरराष्ट्रीय MMA प्लेटफॉर्म पर विजेता बनने वाले पहले भारतीय खिलाड़ी बन गए हैं.
भारत के गौरव और फिट इंडिया अभियान के एम्बेसडर संग्राम सिंह ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि उम्र केवल एक संख्या है, जज़्बा ही असली ताकत है. नीदरलैंड्स के एम्स्टर्डम में आयोजित प्रतिष्ठित लेवल्स फाइट लीग (Levels Fight League – LFL) में संग्राम ने ट्यूनीशिया के हकीम त्राबेल्सी को शानदार नॉकआउट में हराकर भारत का नाम अंतरराष्ट्रीय खेल इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में दर्ज कर दिया.
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यह जीत इसलिए ऐतिहासिक है क्योंकि संग्राम सिंह 40 साल की उम्र में इस अंतरराष्ट्रीय MMA प्लेटफॉर्म पर विजेता बनने वाले पहले भारतीय खिलाड़ी बन गए हैं.
मुकाबले में दिखा क्लास और आत्मविश्वास
2 नवंबर 2025 की रात एम्स्टर्डम में हुए इस बहुप्रतीक्षित मुकाबले में दोनों फाइटर रिंग में उतरे तो दर्शकों में जबरदस्त उत्साह था. पहले राउंड से ही संग्राम ने अपने अनुभव, तकनीक और फिटनेस का जलवा दिखाना शुरू कर दिया. उन्होंने शानदार ग्राउंड मूवमेंट और सटीक पंचों से हकीम को डिफेंसिव खेलने पर मजबूर किया.
दूसरे राउंड में जैसे ही मौका मिला, संग्राम ने एक सटीक राइट हुक लगाया जिसने सीधे प्रतिद्वंद्वी को गिरा दिया. रेफरी ने फाइट रोक दी — और भारत का झंडा ऊँचा लहराने लगा.
संग्राम बोले- `यह जीत हर उस भारतीय की है जो सपनों की एक्सपायरी डेट नहीं मानता`
अपनी ऐतिहासिक जीत के बाद संग्राम सिंह भावुक नज़र आए. उन्होंने कहा, `यह जीत हर उस भारतीय की है जो मानता है कि सपनों की कोई एक्सपायरी डेट नहीं होती.
मैं 40 की उम्र में यह साबित करना चाहता था कि फिटनेस की कोई सीमा नहीं होती. जब मन अनुशासित होता है, तब शरीर असीमित हो जाता है. यह जीत मैं अपने देश और हर उस युवा को समर्पित करता हूँ जो बड़े सपने देखने का साहस रखता है.`
फिट इंडिया की असली पहचान बने संग्राम
संग्राम सिंह न केवल एक खिलाड़ी हैं बल्कि एक प्रेरणा बन चुके हैं. फिट इंडिया मूवमेंट के एम्बेसडर के रूप में वे वर्षों से लोगों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संदेश दे रहे हैं.
उनका यह कहना- `स्वस्थ भारत ही सशक्त भारत है`- अब करोड़ों युवाओं के लिए एक नारा बन चुका है.
अंतरराष्ट्रीय मंच से मिली सराहना
LFL के अध्यक्ष डोनोवन जेम्स अलेक्जेंडर पनायोटिस ने कहा, संग्राम सिंह केवल भारत ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया के लिए प्रेरणा हैं.
उनकी विनम्रता, ताकत और आत्मसंयम उन्हें एक वैश्विक आइकन बनाता है.`
उनके कोच भूपेश कुमार ने कहा कि यह जीत `धैर्य, अनुशासन और सही रणनीति का परिणाम` है. उन्होंने बताया कि संग्राम ने फाइट की तैयारी के दौरान महीनों तक सख्त ट्रेनिंग की, जिसमें डाइट, मेडिटेशन और वर्कआउट का विशेष ध्यान रखा गया.
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