Paddy Procurement: आज से इस राज्य में शुरू होगी धान की खरीद, किसानों को 48 घंटे में मिलेगा भुगतान

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PADDY PRICES 31 Oct: गाजियाबाद मंडी में ₹2960 पर बिका बासमती धान, सहारनपुर में ₹3500 रहा सामान्य चावल का रेट

धान की खरीद – फोटो : गांव जंक्शन

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आंध्र प्रदेश के लाखों किसानों का इंतजार आखिरकार खत्म हो गया है। राज्य सरकार ने घोषणा की है कि 3 नवंबर (सोमवार) से खरीफ सीजन 2025-26 की धान खरीद प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। नागरिक आपूर्ति मंत्री नादेंदला मनोहर ने बताया कि इस बार सरकार ने किसानों की सुविधा और पारदर्शिता को ध्यान में रखते हुए कई नई व्यवस्थाएं की हैं।

व्हाट्सएप पर ऐसे कराएं पंजीकरण
मंत्री मनोहर ने कहा कि किसान अब घर बैठे व्हाट्सएप नंबर 73373 59375 पर “HI” भेजकर खुद को धान खरीद योजना के लिए पंजीकृत कर सकते हैं। इसके बाद किसानों को उनकी भूमि और फसल संबंधी जानकारी दर्ज करनी होगी। सरकार ने इस खरीफ सीजन में 51 लाख टन धान खरीदने का लक्ष्य रखा है।

तीन हजार सेवा केंद्र और 2 हजार खरीद केंद्र तैयार
राज्य भर में किसानों की सुविधा के लिए 3,000 से अधिक रायथु सेवा केंद्र और करीब 2,000 धान खरीद केंद्र स्थापित किए गए हैं। साथ ही खरीद कार्यों के लिए 10,500 से अधिक कर्मचारियों को तैनात किया गया है। मनोहर ने कहा कि खरीदे गए धान का भुगतान 48 घंटे के भीतर किसानों के खातों में भेजा जाएगा।

खरीफ सीजन में होगा रिकॉर्ड खरीद अभियान
मनोहर ने बताया कि पिछले साल सरकार ने 34 लाख मीट्रिक टन धान खरीदा था, जबकि इस बार लक्ष्य इससे काफी ज्यादा रखा गया है। उन्होंने कहा कि खरीद प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी और लगभग पेपरलेस बनाया गया है ताकि किसानों को किसी तरह की परेशानी न हो।

गुणवत्तापूर्ण बारदाने और नमी जांच मशीनों का इंतजाम
मंत्री ने निर्देश दिए कि धान की बोरियों की गुणवत्ता सुनिश्चित की जाए और सभी खरीद केंद्रों पर नमी जांचने वाली मशीनें और परिवहन सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाएगा कि खरीदे गए अनाज को उचित ढंग से संग्रहित और ट्रांसपोर्ट किया जाए।

ताडेपल्लीगुडेम में होगा शुभारंभ
धान खरीद कार्यक्रम की औपचारिक शुरुआत 3 नवंबर को ताडेपल्लीगुडेम निर्वाचन क्षेत्र के अरुगोलानु गांव से होगी। मनोहर ने बताया कि वहां से पूरे राज्य में धान खरीद अभियान को गति दी जाएगी। राज्य में हाल के दिनों में हुई भारी बारिश से धान की फसल को काफी नुकसान हुआ था, जिससे किसान जल्द खरीद प्रक्रिया शुरू होने का इंतजार कर रहे थे। अब सरकार के इस फैसले से किसानों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।