Madhya Pradesh: किसानों को बड़ी राहत, धान पंजीयन की तारीख बढ़ी, अब 6 नवंबर तक करा सकेंगे रजिस्ट्रेशन

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Madhya Pradesh: किसानों को बड़ी राहत, धान पंजीयन की तारीख बढ़ी, अब 6 नवंबर तक करा सकेंगे रजिस्ट्रेशन

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव – फोटो : ai

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मध्य प्रदेश सरकार ने किसानों के हित में बड़ा निर्णय लेते हुए धान पंजीयन की अंतिम तिथि 6 नवंबर तक बढ़ा दी है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और खाद्य मंत्री गोविंद सिंह राजपूत की पहल पर लिया गया यह फैसला राज्य के 16 जिलों के उन किसानों के लिए राहत लेकर आया है जो किसी कारणवश पहले पंजीयन नहीं करा पाए थे।

खाद्य मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने बताया कि कई जिलों से सुझाव मिले थे कि तकनीकी दिक्कतों, खराब मौसम या समयाभाव के कारण कई किसान पंजीयन से वंचित रह गए। किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए सरकार ने यह अवधि बढ़ाने का निर्णय लिया है।

इन 16 जिलों के किसानों को मिलेगा अवसर
पंजीयन की समयसीमा बढ़ाने का लाभ डिण्डौरी, मण्डला, बालाघाट, सतना, छिंदवाड़ा, शहडोल, अनूपपुर, दमोह, सिवनी, मैहर, उमरिया, जबलपुर, सीधी, अलीराजपुर, बैतूल और पन्ना जिलों के किसानों को मिलेगा। इन जिलों में अब नोडल अधिकारियों की मौजूदगी में शेष किसानों का पंजीयन कराया जाएगा। इसके लिए सभी जिला कलेक्टरों को आदेश जारी कर दिए गए हैं।

सिर्फ प्रस्ताव में शामिल किसानों को मौका
खाद्य संचालनालय ने पंजीयन प्रक्रिया के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए हैं। हर पंजीयन केंद्र पर खाद्य, सहकारिता, राजस्व और कृषि विभाग के अधिकारी मौजूद रहेंगे। केवल उन्हीं किसानों का पंजीयन किया जाएगा, जिनके नाम जिला प्रस्ताव में शामिल हैं, और दस्तावेजों की जांच के बाद ही उन्हें लाभ मिलेगा।

“हर किसान को उसका हक मिलेगा”
मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि कोई भी पात्र किसान समर्थन मूल्य पर धान बेचने के अधिकार से वंचित न रहे। खाद्य मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने कहा, “सरकार की मंशा है कि हर किसान को उसकी मेहनत का पूरा मूल्य मिले। इसी सोच के तहत पंजीयन की समयसीमा बढ़ाई गई है।”

उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार कृषि क्षेत्र को सशक्त बनाने के लिए लगातार काम कर रही है। सिंचाई, बीज, खाद, बिजली और फसल बीमा जैसी योजनाओं से किसानों को पहले ही बड़ी राहत दी जा चुकी है। धान पंजीयन की अवधि बढ़ाने का यह निर्णय किसानों के हित में एक और बड़ा कदम माना जा रहा है। जो किसान अब तक पंजीयन नहीं करा पाए थे, वे अब 6 नवंबर तक अपने नजदीकी केंद्र पर आवश्यक दस्तावेजों के साथ पंजीकरण करा सकते हैं।