ऊपर उद्धृत सूत्रों ने बताया कि ऑनलाइन सट्टेबाजी प्लेटफॉर्म 1xBet के खिलाफ मामले में धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत आदेश जारी किया है.
सुरेश रैना, शिखर धवन. फ़ाइल चित्र
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने गुरुवार को एक कथित अवैध सट्टेबाजी साइट से जुड़ी मनी लॉन्ड्रिंग जांच के तहत पूर्व क्रिकेटरों सुरेश रैना और शिखर धवन की 11.14 करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क की. ऊपर उद्धृत सूत्रों ने बताया कि ऑनलाइन सट्टेबाजी प्लेटफॉर्म 1xBet के खिलाफ मामले में धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत धवन की 4.5 करोड़ रुपये की अचल संपत्ति और रैना के 6.64 करोड़ रुपये के म्यूचुअल फंड को कुर्क करने का एक अस्थायी आदेश जारी किया गया है. एक न्यूज रिपोर्ट के अनुसार संघीय एजेंसी की जांच में पाया गया है कि दोनों पूर्व क्रिकेटरों ने 1xBet और उसके सहयोगियों को बढ़ावा देने के लिए “जानबूझकर” विदेशी संस्थाओं के साथ विज्ञापन समझौते किए थे. रैना इससे पहले अगस्त में केंद्रीय एजेंसी के सामने पेश हुए थे, जब उन्हें 1xBet के संबंध में तलब किया गया था. ईडी ने तब ऐप के साथ उनके संबंधों को समझने के लिए पीएमएलए के तहत उनका बयान दर्ज किया था.
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रिपोर्ट के मुताबिक इस मामले में जिन अन्य पूर्व क्रिकेटरों से पूछताछ की गई है, उनमें युवराज सिंह और रॉबिन उथप्पा शामिल हैं. ईडी ने इसी मामले में अभिनेता सोनू सूद, उर्वशी रौतेला, मिमी चक्रवर्ती (तृणमूल कांग्रेस की पूर्व सांसद) और अंकुश हाजरा से भी पूछताछ की है. डच कैरिबियाई द्वीप कुराकाओ में पंजीकृत 1xBet को इसकी वेबसाइट पर सट्टेबाजी उद्योग में 18 वर्षों के अनुभव के साथ एक विश्व स्तर पर मान्यता प्राप्त सट्टेबाज बताया गया है.
अभिनेता राणा दग्गुबाती भी इस साल की शुरुआत में ऑनलाइन सट्टेबाजी के खेलों के कथित प्रचार के लिए ईडी के सामने पेश हुए थे. जनवरी में, तेलंगाना पुलिस ने सोशल मीडिया पर अवैध सट्टेबाजी और जुआ ऐप्स को कथित रूप से बढ़ावा देने के आरोप में दग्गुबाती, प्रकाश राज, विजय देवरकोंडा और मंचू लक्ष्मी सहित 25 मशहूर हस्तियों और प्रभावशाली लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी.
यह प्राथमिकी हैदराबाद के मियापुर पुलिस स्टेशन में तेलंगाना गेमिंग अधिनियम और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की कई धाराओं के तहत दर्ज की गई थी, जिसमें आईटी अधिनियम की धारा 66(डी) भी शामिल है, जो धोखाधड़ी और पहचान की चोरी से संबंधित है. रिपोर्ट के मुताबिक ईडी अवैध सट्टेबाजी ऐप्स से जुड़े कई मामलों की जाँच कर रहा है, जिन पर कई निवेशकों से करोड़ों रुपये ठगने और भारी कर चोरी करने का आरोप है.
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