ये था मामला
जानकारी के अनुसार, इटौरा निवासी अजय ने हाल ही में एक खेत खरीदा था। पैमाइश के दौरान जब उसे जमीन की लंबाई-चौड़ाई कम मिली, तो उसने राजस्व विभाग से शिकायत दर्ज कराई। गुरुवार को बिचपुरी चौकी पुलिस, राजस्व टीम के निर्देश पर अजय को कब्जा दिलाने के लिए खेत पर पहुंची। इस बीच, दूसरे पक्ष के दौलतराम और उसके परिजन खेत पर पहुंचे और पुलिस कार्रवाई का विरोध करने लगे। उनका कहना था कि राजस्व अधिकारी मौके पर नहीं हैं, ऐसे में पुलिस कब्जा कैसे दिला सकती है।
विवाद बढ़ने पर माहौल तनावपूर्ण हो गया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, कुछ महिलाओं ने पहले अपने ऊपर किसी केमिकल जैसे पदार्थ को डाला और फिर वही पदार्थ पुलिसकर्मियों पर फेंक दिया। इससे तीन महिला कांस्टेबल — अनीता, शीला और ममता — के शरीर और आंखों में तेज जलन होने लगी। घायल तीनों को तत्काल सौनई सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया।
दोषियों पर होगी कार्रवाई
सीएचसी प्रभारी डॉक्टर विपिन के अनुसार, “तीनों महिला कांस्टेबलों के शरीर पर तेज गंध वाला रासायनिक पदार्थ डाला गया था, जिससे उन्हें गंभीर जलन की शिकायत थी।” वहीं, क्षेत्राधिकारी महावन संजीव राय ने बताया कि घटना के बाद पुलिस टीम ने स्थिति नियंत्रित की और अब फॉरेंसिक टीम उस पदार्थ की जांच कर रही है।
पुलिस का कहना है कि दोषियों की पहचान की जा रही है और जल्द ही उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। ग्रामीण क्षेत्र में इस घटना ने पुलिस और प्रशासन दोनों को चौंका दिया है।












