
मक्का
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देशभर के बाजारों में इस समय मक्का (Maize) की कीमतें न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) ₹2,400 प्रति क्विंटल से नीचे चल रही हैं। इसकी मुख्य वजह है नई फसल की बढ़ती आवक, रिकॉर्ड उत्पादन की उम्मीद, और एथनॉल व पोल्ट्री फीड सेक्टर से घटती मांग।कई राज्यों की मंडियों में मक्का के भाव ₹1,300 से ₹2,100 प्रति क्विंटल के बीच रहे हैं। किसान संगठनों ने सरकार से मांग की है कि मक्का की सरकारी खरीद (Procurement) MSP पर की जाए। इसी दिशा में तेलंगाना सरकार ने पहल करते हुए MSP पर मक्का खरीद शुरू की है और लगभग 8 लाख टन अनाज खरीदने की योजना बनाई है।
1. मक्का उत्पादन में रिकॉर्ड बढ़ोतरी की उम्मीद
इस खरीफ सीजन (2025-26) में किसानों ने मक्का का रकबा करीब 1 मिलियन हेक्टेयर बढ़ाया है। पिछले साल जहां यह 8.43 मिलियन हेक्टेयर था, वहीं इस साल 9.49 मिलियन हेक्टेयर पर मक्का बोई गई। भले ही कुछ इलाकों में अत्यधिक बारिश से फसल को नुकसान हुआ हो, लेकिन कुल मिलाकर उत्पादन रिकॉर्ड स्तर पर रहने का अनुमान है। सरकारी तीसरे अग्रिम अनुमान (3rd Advance Estimate 2024-25) के अनुसार, भारत में मक्का उत्पादन 422.81 लाख टन रहने की संभावना है, जो पिछले साल के 376.65 लाख टन से कहीं अधिक है।
2. एथनॉल सेक्टर से घटी मांग
आईग्रेन इंडिया के विश्लेषक राहुल चौहान ने बताया कि इस बार मक्का की मांग एथनॉल उत्पादकों से कम रही है, क्योंकि सरकार ने 2025-26 के लिए 52 लाख टन चावल एथनॉल उत्पादन हेतु आवंटित किया है। साथ ही, चीनी और चावल जैसे वैकल्पिक फीडस्टॉक की उपलब्धता ने भी मक्का की खपत को प्रभावित किया है।
इसके अलावा, एथनॉल उत्पादन से निकलने वाला DDGS (Distillers’ Dried Grains with Solubles) — जो पोल्ट्री फीड में काम आता है — भी ज्यादा मात्रा में उपलब्ध हो गया है। इससे पोल्ट्री उद्योग की मक्का पर निर्भरता कम हुई है।
3. महाराष्ट्र में दामों में भारी गिरावट
महाराष्ट्र के प्रमुख मक्का उत्पादक जिलों जालना और सांगली में इस साल मक्का के दाम पिछले साल के मुकाबले काफी नीचे हैं। अक्टूबर 2024 में जालना में मक्का ₹1,900-2,300 प्रति क्विंटल और सांगली में ₹2,350-2,450 तक बिक रहा था। इस साल, जालना मंडी में मॉडल प्राइस ₹1,450, न्यूनतम ₹950 और अधिकतम ₹1,800 प्रति क्विंटल तक गिर गया।
सांगली के किसान बाबा सावंत ने कहा, “हालांकि कुछ इलाकों में फसल को नुकसान हुआ है, लेकिन इस बार मक्का बोने वाले किसानों की संख्या बढ़ गई है। इसी वजह से आवक ज्यादा है और दाम नीचे जा रहे हैं।”
सरकार को मक्का से बने एथनॉल की कीमत बढ़ानी चाहिए
एग्रो इंडस्ट्रियलिस्ट पी. पी. पवार ने कहा कि पिछले साल मक्का की कीमतें एथनॉल उत्पादन की मजबूत मांग के चलते ऊंची थीं। उन्होंने कहा, “इस साल एथनॉल के लिए चावल और गन्ना अधिक इस्तेमाल हो रहे हैं। अगर सरकार मक्का-आधारित एथनॉल की कीमत बढ़ा दे, तो किसानों को MSP का लाभ मिल सकेगा।”
तेलंगाना सरकार ने बढ़ाया किसानों का भरोसा
मंडी में MSP से नीचे दाम मिलने के कारण तेलंगाना सरकार ने 11.50 लाख टन अनुमानित उत्पादन में से 8 लाख टन मक्का की खरीद का फैसला किया है। अब तक राज्य में 20,584 क्विंटल मक्का करीब ₹50 करोड़ की लागत से खरीदा जा चुका है। राज्य के 123 खरीद केंद्रों पर यह प्रक्रिया 15 दिसंबर तक पूरी करने का लक्ष्य है।
हाल ही में आए चक्रवात ‘मोंथा’ के कारण आंध्र प्रदेश और तेलंगाना दोनों राज्यों में मक्का की फसल को भारी नुकसान हुआ था। इस पर तेलंगाना के कृषि मंत्री तुम्माला नागेश्वर राव ने केंद्र सरकार से प्राइस सपोर्ट स्कीम (PSS) के तहत मक्का को शामिल करने की मांग की है।
राव ने केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान को लिखे एक पत्र में कहा, “राज्य सरकार ने किसानों को राहत देने के लिए ₹2,500 करोड़ की मक्का खरीद योजना शुरू की है, लेकिन केंद्र से कोई सहयोग नहीं मिला है।”
विश्लेषण: बाजार दबाव में पर फिर बढ़ने की संभावना
कंपाउंड लाइवस्टॉक फीड मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन (CLFMA) के उपाध्यक्ष नवीन पासुपारथी ने कहा कि इस बार मक्का की कटाई और उत्पादन दोनों ही उत्कृष्ट रहे हैं। उन्होंने कहा, “फसल अच्छी होने से कीमतें फिलहाल नीचे आई हैं, लेकिन जल्द ही दामों में सुधार की संभावना है, क्योंकि फीड इंडस्ट्री इस स्तर पर सक्रिय रूप से खरीदारी कर रही है।”




