Himachal: हिमाचल में फलों की गुणवत्ता और उत्पादन बढ़ाने में मदद करेगा न्यूजीलैंड, ये है पूरी प्लानिंग

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हिमाचल प्रदेश में बागवानी

हिमाचल प्रदेश में बागवानी
– फोटो : सोशल मीडिया

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हिमाचल प्रदेश में बागवानी क्षेत्र को नई दिशा मिलने की संभावना है। न्यूजीलैंड ने राज्य में फलों की गुणवत्ता सुधारने और उत्पादन बढ़ाने के लिए सहयोग की पेशकश की है। यह प्रस्ताव ऐसे समय आया है जब भारत और न्यूजीलैंड के बीच मुक्त व्यापार समझौते (FTA) को लेकर बातचीत चल रही है। न्यूजीलैंड की उन्नत कृषि तकनीक और सप्लाई चेन विशेषज्ञता के ज़रिए हिमाचल के किसानों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है।क्या है सरकार की प्लानिंग?
शिमला के थानाधार में आयोजित स्टोन फ्रूट कॉन्क्लेव के दौरान न्यूजीलैंड सरकार के उद्योग मंत्रालय में व्यापार योजना प्रबंधक एशन जयवर्धने ने कहा कि न्यूजीलैंड कृषि और बागवानी तकनीक के क्षेत्र में अग्रणी है और वह इन तकनीकी विशेषताओं को हिमाचल और भारत दोनों के साथ साझा करना चाहता है।

एशन ने बताया कि न्यूजीलैंड हिमाचल में बेहतर सप्लाई चेन सिस्टम विकसित करने में मदद कर सकता है, जिससे बागवानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिल सके। उन्होंने कहा कि स्टोन फ्रूट उत्पादन के लिए हिमाचल की जलवायु अत्यंत अनुकूल है और यहां उत्पादन में अपार संभावनाएं हैं।

साझेदारी और तकनीकी सहयोग
न्यूजीलैंड किसानों को आधुनिक खेती तकनीक, बेहतर बीज, और अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंच की सुविधा उपलब्ध करवाने का इच्छुक है। इसके अलावा, कृषि उत्पादन क्लस्टरों का गठन कर दोनों देश आपसी सहयोग के नए रास्ते खोल सकते हैं। एशन जयवर्धने ने कहा कि भारत के वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल भी न्यूजीलैंड के साथ मुक्त व्यापार समझौते को लेकर सकारात्मक रुख दिखा चुके हैं।

राज्य सरकार ने क्या कहा?
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि और हिमाचल के बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी ने कहा कि यदि न्यूजीलैंड सरकार के साथ काम करने का अवसर मिलता है, तो राज्य सरकार बागवानी विकास के क्षेत्र में इस सहयोग का पूरा लाभ उठाएगी। उन्होंने कहा कि यह साझेदारी हिमाचल के बागवानों के लिए नए अवसर पैदा कर सकती है और राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूती दे सकती है।

कई फायदे होंगे

  • फलों की गुणवत्ता और उत्पादन में सुधार
  • किसानों को अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंच
  • सप्लाई चेन और मार्केटिंग नेटवर्क में मजबूती
  • आधुनिक खेती तकनीक और बीजों की उपलब्धता
  • मुक्त व्यापार समझौते से निर्यात में वृद्धि