Wheat Sowing: गेहूं की बुवाई से पहले खेतों में करें ये काम, बढ़ेगी पैदावार, लागत घट जाएगी, किसानों को फायदा

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गेहूं की खेती

गेहूं की खेती
– फोटो : AI

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धान की कटाई के साथ ही किसानों ने अब गेहूं की बुवाई की तैयारी शुरू कर दी है। बदलते समय के साथ खेती के तौर-तरीके भी आधुनिक हो चुके हैं। पहले जहां बैलों और पारंपरिक उपकरणों से खेतों की जुताई होती थी, वहीं अब ट्रैक्टर और उन्नत कृषि यंत्रों ने खेती को अधिक आसान और लाभदायक बना दिया है। ऐसे ही एक आधुनिक कृषि यंत्र रोटावेटर (Rotavator) ने किसानों की मेहनत, समय और डीजल की खपत में उल्लेखनीय कमी लाई है।क्या है रोटावेटर और इसका उपयोग
रोटावेटर ट्रैक्टर से जुड़ा एक शक्तिशाली कृषि यंत्र है, जिसका मुख्य उपयोग खेत की मिट्टी को भुरभुरा बनाने के लिए किया जाता है। इससे मिट्टी में हवा और नमी का संतुलन बेहतर रहता है, जिससे बीजों के अंकुरण की क्षमता बढ़ जाती है। यह यंत्र गेहूं, मक्का और गन्ना जैसी फसलों के अवशेषों की मल्चिंग करने में भी बेहद उपयोगी है।

किसानों के लिए फायदे
लखीमपुर खीरी के किसान अंचल मिश्रा बताते हैं कि पहले खेत की जुताई डिस्क हैरो या कैल्टीवेटर से कई बार करनी पड़ती थी, जिससे डीजल की खपत और समय दोनों अधिक लगते थे। लेकिन रोटावेटर से एक ही बार में खेत तैयार हो जाता है और मिट्टी भुरभुरी हो जाती है। इससे न केवल मिट्टी की उर्वरता बढ़ती है, बल्कि खेत समतल रहता है और फसल की पैदावार में भी वृद्धि होती है। रोटावेटर के उपयोग से किसानों को —

  • डीजल की खपत में कमी
  • समय और ऊर्जा की बचत
  • मिट्टी के स्वास्थ्य में सुधार
  • बीज जमाव और अंकुरण में वृद्धि
  • जैसे कई लाभ मिलते हैं।

कितनी हॉर्स पावर के ट्रैक्टर की जरूरत
रोटावेटर के आकार के अनुसार ट्रैक्टर की हॉर्स पावर की आवश्यकता होती है —

  • 7 फीट रोटावेटर के लिए : 35-40 HP ट्रैक्टर
  • 8 फीट रोटावेटर के लिए : 40-50 HP ट्रैक्टर
  • 9 फीट रोटावेटर के लिए : 60-65 HP ट्रैक्टर
  • 10 फीट रोटावेटर के लिए : 65-70 HP ट्रैक्टर