
सब्जी
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उत्तराखंड में शादियों का सीजन शुरू होते ही बाजारों में सब्जियों के दामों में तेजी देखने को मिल रही है। सबसे ज्यादा असर टमाटर और आलू की कीमतों पर पड़ा है। केवल दो दिनों में ही टमाटर 20 रुपये किलो तक महंगा हो गया है, जबकि आलू की कीमत में भी 5 रुपये प्रति किलो की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। राजधानी देहरादून सहित आसपास के बाजारों में सब्जियों की बढ़ती कीमतों ने घरेलू बजट बिगाड़ दिया है।टमाटर में 20 रुपये की बढ़ोतरी, दो दिन में 30 से 50 रुपये पहुंचा दाम
दो दिन पहले तक जो टमाटर 30 रुपये किलो बिक रहा था, वह अब 50 रुपये किलो में मिल रहा है। व्यापारी तसलीम अहमद के अनुसार, “शादी समारोहों के चलते सब्जियों, खासकर टमाटर की मांग अचानक बढ़ गई है। यही वजह है कि थोक मंडियों में कीमतें तेजी से ऊपर गई हैं।” टमाटर की आपूर्ति में कमी और ट्रांसपोर्टेशन लागत बढ़ने से भी खुदरा बाजार में कीमतों पर असर पड़ा है।
आलू की फसल में देरी से बढ़े दाम
शादी सीजन के साथ-साथ आलू की नई फसल में देरी ने भी बाजार में कीमतों को बढ़ा दिया है। दो दिन पहले तक 20 रुपये प्रति किलो बिक रहा आलू अब 25 रुपये किलो तक पहुंच गया है। किसानों का कहना है कि इस साल बरसात और ठंड के कारण फसल कटाई देर से हो रही है, जिससे बाजार में पुरानी खेप ही सीमित मात्रा में उपलब्ध है।
अन्य सब्जियों के दाम भी चढ़े
केवल टमाटर और आलू ही नहीं, बल्कि अन्य हरी सब्जियों की कीमतों में भी इजाफा देखा जा रहा है। देहरादून के खुदरा बाजारों में फिलहाल —
- भिंडी: ₹60 प्रति किलो
- करेला: ₹60 प्रति किलो
- मटर: ₹120 प्रति किलो
महिलाओं का कहना है कि सब्जियों की बढ़ती कीमतों ने घरेलू रसोई का बजट पूरी तरह बिगाड़ दिया है।
त्योहारी और विवाह सीजन बना मुख्य कारण
सब्जी विक्रेताओं का कहना है कि इस समय त्योहारी माहौल और विवाह सीजन के चलते मांग अचानक बढ़ गई है। इससे थोक बाजार में स्टॉक सीमित होने के बावजूद खरीदारों की भीड़ बढ़ रही है, जिससे दामों में उछाल स्वाभाविक है। यदि आपूर्ति सामान्य नहीं हुई, तो आने वाले दिनों में कीमतों में और बढ़ोतरी देखी जा सकती है।




