इस मामले में हुई कार्रवाई
ग्राम रमजानी रूईया के निवासी रमीज खान ने आरोप लगाया कि उन पर चल रहे एक मुकदमे में धारा हटाने और नाम निकालने के बदले दोनों उपनिरीक्षकों ने 70,000 रुपये की मांग की थी। रमीज ने एंटी करप्शन संगठन लखनऊ से संपर्क किया और इस भ्रष्टाचार की शिकायत की।
शिकायत के आधार पर एंटी करप्शन टीम ने एक जाल बिछाया और शिकायतकर्ता को निर्धारित समय पर थाने भेजा। जैसे ही शिकायतकर्ता ने 70,000 रुपये उपनिरीक्षक आकाश को थाने के हॉस्टल में दिए, एंटी करप्शन टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए उन्हें गिरफ्तार कर लिया।
एक दारोगा की तलाश जारी
गिरफ्तारी के बाद, पुलिस ने आकाश रोशवाल से पूरी राशि बरामद की और उन्हें भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत सांडी थाने में मुकदमा दर्ज कराया। इस दौरान, उपनिरीक्षक जय प्रकाश सिरोही मौके से फरार हो गए। एंटी करप्शन टीम अब उनकी तलाश में छापेमारी कर रही है। एंटी करप्शन टीम की इस कार्रवाई से यह संदेश जाता है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।












