रोहिणी आचार्य के आरोपों के बाद यूपी पुलिस अलर्ट, डीजीपी ने रमीज खान की पूरी क्राइम फाइल तलब की

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बिहार चुनाव–2025 के बाद उठे सियासी विवादों के बीच उत्तर प्रदेश पुलिस का फोकस अचानक एक पुराने नाम पर जा टिका है—रमीज खान। रोहिणी आचार्य के गंभीर आरोप सामने आने के बाद यूपी के डीजीपी कार्यालय ने बिना देर किए संबंधित जिलों से उनकी पूरी आपराधिक पृष्ठभूमि की विस्तृत रिपोर्ट मांग ली। माना जा रहा है कि यह कार्रवाई सिर्फ रूटीन पूछताछ नहीं, बल्कि एक बड़े स्तर पर शुरू हुई जांच का पहला कदम है।

कौशाम्बी पुलिस ने खोली फाइलें

डीजीपी मुख्यालय के निर्देश पर कौशाम्बी पुलिस ने रातोंरात केस फाइलें खंगालीं। रिपोर्ट में साफ हुआ कि रमीज खान के खिलाफ कोखराज थाना में दो गंभीर मामले दर्ज हैं। इनमें एक हत्या का केस भी शामिल है, जिसमें उन पर प्रतापगढ़ के प्रॉपर्टी डीलर शकील की हत्या कर शव को सड़क किनारे फेंकने का आरोप है। फरार रहने के दौरान उन पर दूसरा केस भी दर्ज किया गया था। 2023 में यूपी पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेजा था।

सूत्रों के मुताबिक, डीजीपी कार्यालय ने केवल पुराने मामलों की पुष्टि भर नहीं की, बल्कि यह भी जांच शुरू कर दी है कि क्या रमीज खान पर लगे राजनीतिक और सांप्रदायिक प्रचार से जुड़े आरोपों का कोई डिजिटल या जमीनी आधार है। पुलिस यह भी खंगाल रही है कि बिहार चुनाव के दौरान चली संभावित “हेट कैंपेनिंग” में यूपी के युवाओं को शामिल करने के आरोपों में कितनी सच्चाई है।

भेजी गई रिपोर्ट

एएसपी राजेश कुमार ने पुष्टि की कि डीजीपी मुख्यालय के आदेश पर कोखराज में दर्ज दोनों मामलों की विस्तृत रिपोर्ट भेज दी गई है। उन्होंने यह भी इशारा किया कि जरूरत पड़ने पर और भी जिलों से सूचनाएँ जुटाई जा सकती हैं।