Blueberries: भारत में ब्लूबेरी की मांग तेजी से बढ़ने के संकेत, किसानों के लिए नई संभावनाएं, आंकड़ों से समझें

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ब्लूबेरी

ब्लूबेरी
– फोटो : सोशल मीडिया

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भारत में ब्लूबेरी का आयात भले ही सीमित है, लेकिन मांग तेजी से बढ़ रही है। RaboResearch की ब्लूबेरी अपडेट 2025 रिपोर्ट के अनुसार, भारत आने वाले वर्षों में एशिया का सबसे बड़ा संभावित ब्लूबेरी बाजार बन सकता है। रिपोर्ट कहती है कि चीन पहले ही ब्लूबेरी के उत्पादन और खपत दोनों में बड़ा विस्तार दिखा चुका है, जबकि भारत, थाईलैंड, इंडोनेशिया और वियतनाम जैसे देशों में भी मांग लगातार बढ़ रही है। रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में ब्लूबेरी का अभी बेहद सीमित आयात होता है, लेकिन वृद्धि की गति उल्लेखनीय है। मांग को बनाए रखने और बढ़ाने के लिए टार्गेटेड मार्केटिंग और उच्च गुणवत्ता बेहद आवश्यक होगी।एशिया में ब्लूबेरी की मांग, भारत सबसे आगे
RaboResearch का कहना है कि एशियाई बाजारों में ब्लूबेरी की मांग तेजी से बढ़नी शुरू हो गई है। विशेष रूप से भारत को 87,000 टन की अनुमानित क्षमता के साथ सबसे बड़ा उभरता हुआ बाजार बताया गया है।

एशिया के अन्य संभावित बाजार

  • इंडोनेशिया
  • जापान
  • तुर्किये
  • वियतनाम
  • थाईलैंड

रिपोर्ट का कहना है कि वैश्विक निर्यातक अब अमेरिका और यूरोप से आगे बढ़कर एशिया को प्राथमिकता दे रहे हैं। कई अंतरराष्ट्रीय कंपनियां एशिया में ब्लूबेरी की खेती और ब्रीडिंग में निवेश कर रही हैं, क्योंकि यह क्षेत्र बड़े पैमाने पर वृद्धि की क्षमता रखता है।

अमेरिका और यूरोप में बनी मजबूत मांग

  • वैश्विक स्तर पर ब्लूबेरी की लोकप्रियता लगातार बढ़ रही है।
  • अमेरिका में प्रति व्यक्ति खपत 1.3 किलो से अधिक हो चुकी है और यह बढ़ती जा रही है।
  • यूरोप में मांग स्थिर है, हालांकि कीमतों में अस्थिरता और रसद चुनौतियां बनी हुई हैं।

RaboResearch के सीनियर एनालिस्ट डेविड मगान्या के अनुसार, ब्लूबेरी की मांग अन्य फलों की तुलना में तेज़ी से बढ़ रही है। “हेल्दी स्नैकिंग” के बढ़ते ट्रेंड से भविष्य में सेल और बढ़ने की उम्मीद है।

वैश्विक आपूर्ति तेजी से बढ़ते हुए विविध हो रही
मगान्या ने बताया कि वैश्विक ब्लूबेरी उत्पादन अब कई क्षेत्रों में फैल गया है। पेरू दक्षिण अमेरिका का सबसे बड़ा आपूर्तिकर्ता है। मोरक्को अफ्रीका में तेज गति से आगे बढ़ रहा है और जल्द ही चिली व कनाडा को पीछे छोड़ सकता है। अमेरिका में उत्पादन स्थिर है। कनाडा की उत्पादन गतिविधि संतुलित हो गई है। मेक्सिको लागत दक्षता के दबाव का सामना कर रहा है। चीन सबसे बड़ा उत्पादक है और अब निर्यात भी शुरू कर चुका है। उन्होंने कहा कि भविष्य में प्रतिस्पर्धा का आधार स्केल, जेनेटिक्स और लॉजिस्टिक्स होगा। निर्माताओं व निर्यातकों को गुणवत्ता और रणनीतिक मार्केटिंग पर ध्यान देना होगा

रिपोर्ट स्पष्ट करती है कि उभरते बाजारों खासकर एशिया-प्रशांत क्षेत्र में बिक्री बढ़ाने के लिए उत्पादकों को:

  • गुणवत्ता में सुधार,
  • उत्पादन दक्षता,
  • और रणनीतिक मार्केटिंग
  • पर फोकस करना होगा।