
खेत में जलाई पराली – फोटो : AI Image
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हरियाणा में प्रदूषण स्तर खतरनाक स्थिति में पहुंचने के साथ पराली जलाने पर प्रशासन ने अब तक की सबसे बड़ी सख्ती की है। बीते एक सप्ताह में पराली जलाने के मामलों में तेजी के बाद गुरुवार को जींद में 35 किसानों को गिरफ्तार किया गया, जबकि फतेहाबाद से चार पुलिसकर्मी, हिसार से तीन नोडल अधिकारी, और सिरसा के ऐलनाबाद से पटवारी हिमांशु और ग्राम सचिव प्रदीप कुमार को निलंबित कर दिया गया। फतेहाबाद में 23 पुलिसकर्मियों को कारण बताओ नोटिस भी जारी किए गए हैं।फतेहाबाद में 50 स्थानों पर जली पराली, 19 FIR, 1.80 लाख जुर्माना
जिला प्रशासन के अनुसार, फतेहाबाद में एक सप्ताह में पराली जलने की 50 घटनाएँ सामने आईं।
- कुल केस: 75
- दर्ज एफआईआर: 19
- अब तक जुर्माना: 1.80 लाख रुपये
जींद जिले में 132 मामले दर्ज हुए जो पूरे प्रदेश में अब तक सबसे अधिक हैं। हालांकि गिरफ्तार किसानों को बाद में जमानत पर छोड़ दिया गया। जिला प्रशासन ने कृषि विभाग, सरपंच, ग्राम सचिव और अन्य कर्मचारियों को ग्रामीण क्षेत्रों में लगातार निगरानी के निर्देश दिए हैं।
कार्रवाई क्यों बढ़ी?
फतेहाबाद के एसपी सिद्धांत जैन ने बताया कि सरकार के सख्त निर्देशों के बावजूद फसल अवशेष जलने से रोकथाम में लापरवाही सामने आई। गांव में पराली जलने पर ग्राम सेवक और सरपंच को तुरंत सूचना देनी होती है। सूचना न देने पर चार पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई हुई। हिसार और ऐलनाबाद में अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचे, इसी कारण निलंबन हुआ।
बहादुरगढ़ देश का सबसे प्रदूषित शहर
गुरुवार को बहादुरगढ़ का एक्यूआई 466 दर्ज हुआ जो इसे पूरे देश का सबसे प्रदूषित शहर बनाता है।
- रोहतक: 430
- दिल्ली: 404
- तीनों शहरों की हवा बेहद गंभीर श्रेणी में है।
- दिल्ली-NCR में पहले से ही ग्रेप का तीसरा चरण लागू है।
अब तक की कुल कार्रवाई (प्रदेश स्तर पर)
- रेड एंट्री: 175 किसान
- पुलिस केस: 188 किसान
- कुल जुर्माना: 9.50 लाख रुपये
- रिकवरी: 7.05 लाख रुपये
- नोटिस: 118 नोडल अधिकारी एवं सुपरवाइजर
- भिवानी: 345
- चरखीदादरी: 349
- फतेहाबाद: 340
- जींद: 333
- सोनीपत: 347
- गुरुग्राम: 300
- फरीदाबाद: 288
- हिसार: 255
- पानीपत: 249
विशेषज्ञों के अनुसार प्रदूषण के मुख्य कारण हैं तापमान में गिरावट, हवा की धीमी गति, स्थानीय प्रदूषण और आगजनी।
रिश्वतखोरी का नया मामला
डबवाली के गांव मांगेआना में एक किसान ने सुपरवाइजर रविन कुमार पर 18,000 रुपये रिश्वत लेकर पराली आगजनी का मामला रफा-दफा करने का आरोप लगाया। कृषि विभाग की जांच के बाद सुपरवाइजर को पद से हटाने के आदेश जारी किए गए। कथित तौर पर वह किसान से 30,000 रुपये के जुर्माने से बचाने के बदले पैसे मांग रहा था।




