बुलंदशहर में नाबालिग गैंगरेप पीड़िता का मामला एक बार फिर पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। छह दिन पहले की घटना ने पूरे जिले के पुलिस सिस्टम को हिलाकर रख दिया था, जब पीड़िता सुरक्षा घेरा तोड़ते हुए सीधा डीआईजी कलानिधि नैथानी की कार के सामने जाकर गिर गई। रोते हुए उसने बताया कि उसके आरोपियों को पुलिस अब तक नहीं पकड़ पाई है।
एसएसपी ने की कार्रवाई
डीआईजी के सामने हुई इस घटना के दौरान नौ पुलिसकर्मी पीड़िता को रोकने का प्रयास करते दिखे, लेकिन नाबालिग सीधे उनके बीच से निकलकर अफसर की गाड़ी के पास तक पहुंच गई। मौके पर ही डीआईजी ने पुलिस लाइन में मौजूद टीम को फटकार लगाते हुए कहा था कि आरोपियों की गिरफ्तारी में किसी भी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी और पीड़िता की शिकायत लिखित में लेकर तत्काल कार्रवाई की जाए।
मामले में लगातार हो रही देरी और पीड़िता की सुरक्षा से जुड़े सवालों के बाद पुलिस प्रशासन हरकत में आया। पहले खुर्जा कोतवाल को लाइन हाजिर किया गया था और अब एसएसपी बुलंदशहर ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पूर्व कोतवाल पंकज राय, इंस्पेक्टर दिग्विजय राठी, दरोगा इकराम अली और शुभम राठी को निलंबित कर दिया है।
ये है मामला
पीड़िता का आरोप है कि उसके गांव के छह युवकों ने 3 जून को उसके साथ गैंगरेप किया था। शिकायत मिलने के बाद खुर्जा थाने में 10 जून को FIR दर्ज हुई। आठ नामजद आरोपियों में से पुलिस अब तक चार को गिरफ्तार कर कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर चुकी है, जबकि बाकी चार आरोपी अब भी फरार बताए जा रहे हैं।












