UTTAR PRADESH : 3.93 लाख किसानों ने कराया पंजीकरण, खुले 4143 क्रय केंद्र, अब तक 3.12 लाख टन से ज्यादा धान खरीद

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उत्तर प्रदेश में MSP पर धान की खरीद जोर-शोर से चल रही है।

उत्तर प्रदेश में MSP पर धान की खरीद जोर-शोर से चल रही है।
– फोटो : गांव जंक्शन (सांकेतिक तस्वीर)

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उत्तर प्रदेश में धान खरीद का सीजन इस बार तेज रफ्तार में आगे बढ़ रहा है। सरकार की ओर से लगातार समीक्षा और निगरानी की जा रही है, जिसका असर साफ दिखाई दे रहा है। हर दिन किसानों का पंजीकरण बढ़ रहा है और धान की खरीद भी तेजी से हो रही है। शनिवार दोपहर तक लगभग 3.93 लाख किसानों ने पंजीकरण करा लिया था और 53,330 किसानों से 3.12 लाख मीट्रिक टन से ज्यादा धान की खरीद पहले ही हो चुकी है।4143 खरीद केंद्रों पर हो रही धान खरीद 
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर इस बार धान खरीद व्यवस्था को आसान और किसान–हितैषी बनाने पर विशेष ध्यान दिया गया है। सरकार ने 4000 क्रय केंद्र स्थापित करने का लक्ष्य रखा था, लेकिन किसानों की सुविधा को देखते हुए इसे बढ़ाकर 4143 केंद्र कर दिया गया है। इन केंद्रों पर किसानों को बैठने, पानी, तौल की सही व्यवस्था और अन्य जरूरी सुविधाओं का भी इंतजाम किया गया है, ताकि खरीद प्रक्रिया में किसी तरह की दिक्कत न आए।

3.12 लाख मीट्रिक टन से अधिक धान खरीद
खाद्य एवं रसद विभाग के अनुसार, धान खरीद विपणन सत्र 2025-26 में तेजी से काम हो रहा है। धान की आवक भी लगातार बढ़ रही है। शनिवार तक 3.12 लाख मीट्रिक टन से अधिक धान की खरीद हो चुकी है। विभाग किसानों को बार-बार यह भी बता रहा है कि वे 17% नमी के धान को अच्छी तरह सुखाकर और साफ करके ही केंद्रों पर लाएं, ताकि खरीद में समस्या न आए।

धान खरीद के नियम और जरूरी बातें
धान (कॉमन) की खरीद 2369 रुपये प्रति कुंतल और धान (ग्रेड-ए) की खरीद 2389 रुपये प्रति कुंतल की दर से की जा रही है। किसान अगर किसी समस्या का सामना करते हैं, तो वे टोल फ्री नंबर 1800-1800-150 पर संपर्क कर सकते हैं या जिले के खाद्य विपणन अधिकारी और अन्य संबंधित अधिकारियों से मदद ले सकते हैं। खरीद प्रक्रिया में हिस्सा लेने के लिए fcs.up.gov.in या UP Kisan Mitra पोर्टल पर पंजीकरण अनिवार्य है।

पूर्वी और पश्चिमी यूपी में खरीद की समय-सीमा
सरकार ने स्पष्ट किया है कि क्रय केंद्र प्रतिदिन सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक खुले रहेंगे। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 31 जनवरी 2026 तक खरीदी होगी, जबकि पूर्वी उत्तर प्रदेश में 28 फरवरी 2026 तक धान की खरीद जारी रहेगी। इससे किसानों को अपनी सुविधानुसार धान बेचने के लिए पर्याप्त समय मिल रहा है।