बस्ती – सरकारी योजनाओं के माध्यम से ग्राम पंचायत स्तर पर विकास को बढ़ावा देने के प्रयासों के बीच, जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों द्वारा फर्जी हाजिरी लगाकर सरकारी धन का दुरुपयोग कर सरकार के भ्रष्टाचार मुक्त अभियान को चुनौती दी जा रही रही है, बल्कि विकास की गति को भी धीमा किया जा रहा है।
प्राप्त समाचार के अनुसार – विकासखंड रुधौली के में मनरेगा योजना के तहत दो साइडो पर काम चल रहा है वही 8 मस्टरोल जारी किए गए हैं, जिनमें 68 मजदूरों के नाम रजिस्टर में दर्ज हो रहा है जब मीडिया टीम ने मौके पर जाकर जांच की, तो वहां एक भी मजदूर काम करते नहीं मिले। ग्रामीणों ने इसकी सूचना मीडिया को दी, जिसके बाद मीडिया टीम ने मौके पर जाकर जमीनी हकीकता पता किया तो पता चला कि मजदूरों की फर्जी हाजिरी लग रही थी जब कि साइडों पर काम नहीं हो रहा है। अपितु जिम्मेदार अधिकारियों ने कागजों में मजदूरों की फर्जी हाजिरी दिखाकर फर्जी का भुगतान करने की तैयारी कर ली है। हैरानी की बात यह है कि मौके पर एक भी मजदूर काम करते नहीं मिले, लेकिन सरकारी रिकॉर्ड में उनकी उपस्थिति दर्ज की गई है लेकिन सवाल यह है कि जब मीडिया में शिकायतें आ रही हैं, तो अब तक जिम्मेदार अधिकारियों ने कार्रवाई क्यों नहीं की गई?












