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मटर की खेती

मटर की खेती
– फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार


सर्दियों के मौसम में हरी मटर लगाना बेहद आसान है और इससे आपको घर बैठे ताज़ी, ऑर्गेनिक और स्वादिष्ट मटर मिल सकती है। सही समय, उपयुक्त मिट्टी और थोड़ी-सी देखभाल के साथ आप अपनी बालकनी, छत या आंगन में आसानी से बढ़िया मटर की पैदावार ले सकते हैं।मटर लगाने का सही समय
मटर ठंड के मौसम की फसल है। बुवाई का सर्वश्रेष्ठ समय अक्टूबर से दिसंबर तक है। इस दौरान की हल्की ठंड और नमी बीजों के बेहतरीन अंकुरण में मदद करती है।

कौन-सा गमला या ग्रो बैग चुनें?

  • 12 से 15 इंच गहरा गमला
  • ग्रो बैग भी उत्तम विकल्प
  • गहरा कंटेनर जड़ों को फैलने की पर्याप्त जगह देता है।

मिट्टी का उपयुक्त मिश्रण
मटर को हल्की, भुरभुरी और नमी वाली मिट्टी पसंद होती है। मिट्टी का मिश्रण तैयार कर लें…

  • 1 भाग बगीचे की मिट्टी
  • 1 भाग रेत
  • 1 भाग सड़ी हुई गोबर की खाद

यह मिश्रण पोषक तत्व और बेहतर जल निकासी दोनों देता है।

बीज बोने की विधि

  • बीजों को 8–10 घंटे पानी में भिगोएं इससे अंकुरण तेज होता है।
  • मिट्टी में 2–3 सेमी गहराई पर बीज डालें।
  • बीजों के बीच 2–3 इंच दूरी रखें।
  • बोने के बाद हल्का पानी दें और गमला धूप वाली जगह पर रखें।

अंकुरण और शुरुआती देखभाल

  • बलिया के प्रसिद्ध कृषि विशेषज्ञ प्रो. अशोक कुमार सिंह के अनुसार:
  • मटर 10–12 दिन में अंकुरित हो जाती है।
  • पौधे बढ़ने लगें तो बांस, लकड़ी या जाली का सहारा दें, ताकि बेल ऊपर चढ़ सके।
  • मिट्टी हल्की नम रहे, लेकिन पानी भरने न दें।
  • हर 15 दिन में वर्मीकंपोस्ट या जैविक खाद दें।

फूल और फली बनने का समय

  • बुवाई के 45–50 दिनों बाद पौधों में फूल आने लगते हैं।
  • इसके कुछ ही दिनों बाद हरी फलियां तैयार हो जाती हैं।
  • फलियां भरते ही तोड़ते रहें, इससे पौधे में नई फलियां लगातार बनती हैं।
  • एक पौधा लगभग 20–25 फलियां दे सकता है।

घर पर मटर लगाने के फायदे

  • पूरी तरह रसायन-मुक्त उत्पादन
  • ताजी, मीठी और पौष्टिक मटर
  • सर्दियों में घर की बालकनी में हरियाली
  • कम लागत में अधिक उत्पादन