
भारत से किए जाने वाले निर्यात में कृषि उत्पादों की हिस्सेदारी बढ़ाने की तैयारी।
– फोटो : गांव जंक्शन
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अमेरिका द्वारा अगस्त 2025 में भारतीय सीफूड विशेषकर श्रिम्प पर लगभग 50% टैरिफ लगाने के बाद देश के मत्स्य पालन उद्योग को बड़ा झटका लगा था। आंध्र प्रदेश जैसे राज्यों की अर्थव्यवस्था खतरे में पड़ने लगी थी, क्योंकि भारत के कुल श्रिम्प निर्यात का 70% हिस्सा अमेरिका लेता है। लेकिन इसी बीच भारत सरकार ने EU, रूस और ऑस्ट्रेलिया जैसे तीन बड़े बाजारों के साथ अटके मसलों को सुलझाकर न सिर्फ नुकसान की भरपाई कर दी, बल्कि वैश्विक निर्भरता कम करने की दिशा में बड़ा रणनीतिक कदम उठाया है।EU ने 102 भारतीय फिशरीज को दी मंजूरी, 9 साल पुराना विवाद खत्म
केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने बताया कि यूरोपीय संघ (EU) भारतीय सीफूड पर क्वालिटी ऑर्डर को लेकर नौ साल से रोक लगाए बैठा था। लगातार प्रयासों के बाद अब इस रोक को हटा दिया गया है।
102 भारतीय फिशरीज को EU एक्सपोर्ट की मंजूरी। EU एक प्रीमियम हाई-वैल्यू मार्केट है। इससे भारत की सीफूड क्वालिटी पर अंतरराष्ट्रीय भरोसा बढ़ा। इसके खुलने से भारत को अमेरिका के नुकसान की भरपाई का सबसे बड़ा अवसर मिला है।
रूस बनेगा भारत का स्थायी विकल्प, 25 फिशरीज को मंजूरी की तैयारी
- रूस क्लियरेंस को लेकर अंतिम चरण में है और जल्द ही 25 भारतीय फिशरीज को हरी झंडी देने वाला है।
- रूस पहले से भारत के लिए भरोसेमंद मार्केट
- चीन–वियतनाम की मुकाबले की स्थिति भारत के पक्ष में
- रूस के साथ व्यापार बढ़ने से ऊर्जा व तेल सहयोग भी मजबूत
- जियोपॉलिटिकली भारत के लिए यह एक बड़ी रणनीतिक उपलब्धि मानी जा रही है।
ऑस्ट्रेलिया ने 8 साल बाद आंध्र प्रदेश से श्रिम्प आयात को दी मंजूरी
- ऑस्ट्रेलिया ने व्हाइट स्पॉट वायरस के कारण बंद दरवाजा आठ साल बाद खोला और आंध्र प्रदेश के अनपील्ड श्रिम्प के आयात को स्वीकृति दे दी।
- ऑस्ट्रेलिया जैसे सख्त बाजार में दोबारा एंट्री
- भारत की क्वालिटी इमेज में भारी सुधार
- भविष्य में प्रोसेस्ड सीफूड के नए अवसर
- यह भारतीय एक्सपोर्टर्स के लिए बड़ा विश्वास बढ़ाने वाला कदम है।
- सबसे ज्यादा राहत आंध्र प्रदेश के किसानों को
- भारत के कुल श्रिम्प एक्सपोर्ट में आंध्र प्रदेश का हिस्सा 80% है।
- अमेरिकी टैरिफ ने इन किसानों की कमर तोड़ दी थी, मगर अब नए बाजार खुलने से स्थिति तेजी से सुधर रही है।
निर्यात के दाम बेहतर
- मंडियों और प्रोसेसिंग यूनिट्स में मांग बढ़ी
- लाखों लोगों की नौकरियां सुरक्षित
- आर्थिक लाभ: 20–30% तक बढ़ सकता है कुल सीफूड एक्सपोर्ट
विशेषज्ञों का क्या कहना है?
- कुल सीफूड एक्सपोर्ट 20–30% तक उछल सकते हैं
- भारत का 7.4 बिलियन डॉलर का फिशरी सेक्टर स्थिर होगा
- सरकार का लक्ष्य FY26 तक एक्सपोर्ट 12–14 बिलियन डॉलर करना
- नए बाजारों में एंट्री से भारत की विदेशी मुद्रा कमाई और GDP योगदान दोनों बढ़ेंगे।
जियोपॉलिटिकल जीत: भारत ने दिखाया, दबाव में नहीं झुकता
अमेरिका ने टैरिफ लगाकर संकेत दिया था कि रूस से तेल खरीदने की कीमत चुकानी पड़ेगी। लेकिन भारत ने इसके जवाब में—
- EU पर दबाव बनाकर
- रूस को बड़ा व्यापारिक पार्टनर बनाकर
- और ऑस्ट्रेलिया का बाजार खोलकर
एक मजबूत व्यापारिक diversification रणनीति से अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी स्थिति और मजबूत की।




