प्याज, सोयाबीन, मूंगफली किसानों के लिए बड़ी राहत: मोदी सरकार ने शुरू की रिकॉर्ड सरकारी खरीद, जानें

0
1

केंद्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान – फोटो : गांव जंक्शन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

देशभर की थोक मंडियों में इन दिनों दलहन, तिलहन और प्याज की गिरती कीमतों ने किसानों की कमर तोड़ दी है। लगातार नुकसान झेल रहे किसानों को राहत देने के लिए केंद्र की एनडीए सरकार ने मंगलवार को बड़ा फैसला लिया। सोयाबीन, मूंगफली और प्याज जैसी प्रमुख फसलों की बड़ी मात्रा में सरकारी खरीद को मंजूरी दी गई है। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आंध्र प्रदेश और राजस्थान द्वारा भेजे गए प्रस्तावों पर हरी झंडी दी। सरकार PSS (मूल्य समर्थन योजना) और MIS (बाजार हस्तक्षेप योजना) के तहत कुल ₹9,700 करोड़ से अधिक मूल्य की उपज खरीदेगी।

PSS और MIS के तहत खरीद को मंजूरी
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हुई बैठक में दोनों राज्यों के मंत्री और वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। खरीफ 2025–26 सीजन के लिए सरकार ने फसलों की खरीद को तेज गति से आगे बढ़ाने का निर्णय लिया।

आंध्र प्रदेश: मूंगफली और प्याज की खरीद को हरी झंडी
केंद्र ने आंध्र प्रदेश के किसानों के लिए दो बड़ी घोषणाएं कीं:

1. मूंगफली की खरीद (PSS)

  • 37,273 मीट्रिक टन मूंगफली खरीद होगी
  • राज्य का उत्पादन अनुमान: 1,49,090 मीट्रिक टन
  • MSP मूल्य के आधार पर खरीद राशि: ₹270.71 करोड़

2. प्याज की खरीद (MIS)
  • 97,887 मीट्रिक टन प्याज खरीद होगी
  • अनुमानित मूल्य: ₹24.47 करोड़
  • राज्य ने बताया कि रायतु सेवा केंद्रों पर L1 आधार-बायोमेट्रिक सिस्टम लागू कर दिया गया है ताकि खरीद प्रक्रिया पारदर्शी हो सके।

राजस्थान: चार फसलों की रिकॉर्ड खरीद का फैसला
राजस्थान के किसानों के लिए केंद्र ने एक साथ चार प्रमुख फसलों की सरकारी खरीद को मंजूरी दी है:
 
फसलअनुमोदित खरीद (मीट्रिक टन)
मूंग3,05,750 MT
उड़द  1,68,000 MT
मूंगफली5,54,750 MT
सोयाबीन2,65,750 MT
कुल MSP मूल्यलगभग ₹9,436 करोड़

केंद्र ने बताया कि राजस्थान सरकार POS आधारित आधार प्रमाणीकरण लागू करने के लिए पूरी तरह तैयार है। 

कृषि मंत्री का बड़ा निर्देश
कृषि मंत्री ने दोनों राज्यों को साफ निर्देश दिए कि खरीद केंद्रों की व्यवस्थाएं पारदर्शी और मजबूत हों। उन्होंने कहा कि किसानों का पंजीकरण और भुगतान पूरी तरह DBT के माध्यम से हो। खरीद केंद्रों पर आधार-सक्षम उपकरण अनिवार्य रूप से लगाए जाएं। FPO और FPC के जरिए किसानों को बेहतर बाजार और उचित दाम मिले। उन्होंने कहा कि किसानों की उपज का उचित मूल्य सुनिश्चित करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।