ये है मामला
मामला शाहपुर थाना क्षेत्र के पादरी बाजार स्थित श्याम विहार कॉलोनी का है। दिसंबर 2013 में अष्टभुजा की शादी सरोज से हुई थी और दोनों दो बच्चों के माता-पिता थे। संत कबीर नगर में पोस्टिंग के दौरान अष्टभुजा की एक महिला सहकर्मी से नजदीकियां बढ़ीं। जब सरोज को पति के इस अवैध संबंध की जानकारी मिली, तो उसने इसका विरोध किया और मायके वालों को बताया।
एक बार समझौता तो हुआ, लेकिन अष्टभुजा मन ही मन पत्नी को रास्ते से हटाने की योजनाएँ बनाने लगा। उस दौरान उसकी तैनाती लखनऊ में एक अधिकारी के गनर के रूप में थी।
आरोप है कि अष्टभुजा ने पहले सरोज के नाम 50 लाख का टर्म इंश्योरेंस कराया और दो बड़े लोन भी ले लिए। इसके बाद 27 फरवरी को अपनी मां और बहन की मौजूदगी में उसे जहर दे दिया। अगली सुबह उसने मायके वालों को फोन कर बताया कि सरोज की हालत खराब है, लेकिन जब पिता हरीलाल पहुंचे, तो बेटी मृत पड़ी मिली।
हो रही है जांच
पोस्टमार्टम में मौत का कारण स्पष्ट नहीं हो सका, इसलिए विसरा जांच के लिए भेजा गया। अगस्त में आई रिपोर्ट में जहर की पुष्टि हुई, जिसके बाद अष्टभुजा और उसके परिवार पर हत्या का केस दर्ज हुआ। फरार रहने के महीनों बाद वह अब कोर्ट में समर्पण कर चुका है। मृतका के पिता ने सख्त सजा की मांग की है। वहीं थाना प्रभारी नीरज राय के अनुसार, आरोपी को रिमांड पर लेकर पूरी साजिश की तह तक जाने की तैयारी चल रही है।












