
चाय
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विस्तार
भारतीय चाय को वैश्विक बाजार में मजबूत पहचान दिलाने के लिए टी बोर्ड ने यूनाइटेड किंगडम (यूके) में एक विशेष प्रचार अभियान शुरू करने की तैयारी की है। बोर्ड का लक्ष्य यूके में भारतीय चाय की विभिन्न किस्मों, विशेषताओं और स्वास्थ्य लाभों को व्यापक स्तर पर पहुंचाना है। यह कदम ऐसे समय उठाया जा रहा है जब हाल ही में संपन्न हुई भारत–यूके फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) से चाय निर्यात को अतिरिक्त बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।यूके भारत का पांचवां सबसे बड़ा खरीदार
टी बोर्ड के अनुसार, यूके मूल्य और मात्रा दोनों के लिहाज से भारतीय चाय का पाँचवाँ सबसे बड़ा आयातक है। बोर्ड भारतीय चाय की पहुंच को और विस्तार देने के लिए दो महीने का एक व्यापक डिजिटल और सोशल मीडिया अभियान चलाएगा। इसके लिए बोर्ड ने एजेंसियों से बोलियां आमंत्रित की हैं, जो इस पूरे अभियान को टर्नकी आधार पर संचालित करेंगी।
निर्यात में मजबूत वृद्धि
आंकड़ों के अनुसार, साल 2024–25 में भारतीय चाय का यूके को निर्यात 27 प्रतिशत बढ़कर 56.37 मिलियन डॉलर पर पहुंच गया, जो पिछले वर्ष 44.43 मिलियन डॉलर था। मात्रा के लिहाज से भी निर्यात 18 प्रतिशत बढ़कर 12.71 मिलियन किलोग्राम रहा। कुल मिलाकर, भारत का चाय निर्यात 12 प्रतिशत बढ़कर 923.85 मिलियन डॉलर पर पहुंचा है।
प्रचार अभियान के उद्देश्य
टी बोर्ड का कहना है कि इस अभियान का मुख्य लक्ष्य यूके में भारतीय चाय के विविध स्वरूपों, प्रकारों और उनके फायदों के बारे में जागरूकता बढ़ाना है। अभियान में भारत की भौगोलिक विशेषता वाली और प्रीमियम चायों को प्रमुखता से प्रदर्शित किया जाएगा, जिनमें शामिल हैं—
- दार्जिलिंग
- असम
- नीलगिरी
- कांगड़ा
- सिक्किम
- दुआर–तराई
- त्रिपुरा
इसके साथ ही मसाला चाय, लेमन टी, अर्ल ग्रे, आइस्ड टी जैसी लोकप्रिय मिश्रित चायों को भी उजागर किया जाएगा। दस्तावेज़ के अनुसार, अभियान का उद्देश्य भारतीय चाय की विशिष्टता, विविधता और बाजार में अवसरों को यूके के उपभोक्ताओं के सामने प्रभावी तरीके से प्रस्तुत करना है।




