ये था मामला
बताया जा रहा है कि तेज आवाज वाले साइलेंसर के कारण सड़क पर चल रहे लोग परेशान थे। इसी दौरान एक सिपाही बाइक से जा रहा था, जो आगे चल रही बुलेट बाइक की तेज आवाज से असहज हो गया। सिपाही ने वाहन सवार को रोकने की कोशिश की और इसकी सूचना ड्यूटी पर मौजूद कोबरा टीम को दी।
कुछ देर बाद मौके पर पहुंचे दारोगा ने पूरे मामले की पड़ताल की। जांच के दौरान नियमों के उल्लंघन को लेकर दारोगा और सिपाही के बीच कहासुनी हो गई। इसी बीच दारोगा ने यह कहते हुए कार्रवाई की कि नियम सभी के लिए बराबर हैं, सिपाही का चालान काट दिया।
दारोगा ने कहा ये
इस कार्रवाई से मौके पर मौजूद लोग हैरान रह गए और कुछ देर के लिए माहौल तनावपूर्ण हो गया। बाद में दारोगा ने स्पष्ट किया कि सड़क सुरक्षा और ट्रैफिक नियमों में किसी भी तरह की ढील नहीं दी जा सकती, चाहे मामला आम व्यक्ति का हो या पुलिसकर्मी का।
घटना के बाद यह मामला चर्चा में आ गया है और पुलिस महकमे में भी इसकी अंदरूनी समीक्षा की बात कही जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि नियमों का पालन सुनिश्चित कराने के लिए कार्रवाई निष्पक्ष होनी चाहिए, ताकि जनता में सही संदेश जाए।












