एसआईटी का करेंगे नेतृत्व
आईजी एलआर कुमार 2006 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं और वर्तमान में डीजीपी मुख्यालय में कानून व्यवस्था के प्रमुख अधिकारी के तौर पर तैनात हैं। प्रदेश की आंतरिक सुरक्षा और लॉ एंड ऑर्डर को लेकर उनकी भूमिका बेहद अहम मानी जाती है।
यही वजह है कि कोडीन कफ सिरप जैसे संवेदनशील और संगठित अपराध से जुड़े मामले की जिम्मेदारी उन्हें सौंपी गई है। एसआईटी में पुलिस, एसटीएफ और एफएसडीए के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हैं, जो एक साथ मिलकर इस पूरे सिंडिकेट की जांच करेंगे।
कौन हैं एलआर कुमार
तमिलनाडु के मार्थडम के रहने वाले एलआर कुमार का जन्म 20 अक्टूबर 1977 को हुआ था। उन्होंने अर्थशास्त्र में परास्नातक की पढ़ाई की है। उनका प्रशासनिक अनुभव काफी विस्तृत रहा है। सीतापुर, बलरामपुर, ललितपुर और फिरोजाबाद जैसे जिलों में वह अहम पदों पर रह चुके हैं। केंद्रीय एजेंसी एनआईए में चार साल तक एसपी के रूप में काम करने के दौरान उन्होंने कई बड़े और संवेदनशील मामलों की जांच की थी।
उत्तर प्रदेश लौटने के बाद उन्हें विजिलेंस विभाग, गाजियाबाद और फिर आईजी कानून व्यवस्था जैसी जिम्मेदारियां सौंपी गईं। जनवरी 2024 में उन्हें आईजी लॉ एंड ऑर्डर बनाया गया। अब कोडीन कफ सिरप मामले की जांच में उनका अनुभव और सख्ती निर्णायक मानी जा रही है। सरकार को उम्मीद है कि एलआर कुमार के नेतृत्व में एसआईटी न सिर्फ पूरे नेटवर्क का खुलासा करेगी, बल्कि दोषियों को कानून के कटघरे तक पहुंचाएगी।












