उसी दौरान आजमगढ़ की ओर से आ रही तेज रफ्तार ब्रेज़ा कार ने पीछे से इतनी जोरदार टक्कर मारी कि दोनों वाहनों में आग भड़क उठी। आग की लपटें इतनी तेजी से फैलीं कि वैगनआर कार के दरवाजे लॉक होने के कारण कोई बाहर नहीं निकल सका।
ये है मामला
जांच में पता चला कि हादसे का शिकार परिवार आजमगढ़ में तैनात यूपी पुलिस के सिपाही जावेद अशरफ का था। उनकी पत्नी गुलिस्ता परवीन, तीन बेटियां—समरीन, इलमा और इस्मा—साथ ही 10 वर्षीय बेटा जियान कार में सवार थे। कार को जावेद के साले जिशान चला रहे थे।
टक्कर लगते ही वैगनआर कार आग का गोला बन गई और अंदर बैठे लोग चीखते-चिल्लाते रह गए, लेकिन आसपास मौजूद लोग लपटों की वजह से मदद नहीं कर पाए। मौके पर पहुंची यूपीआईडी और पुलिस टीम ने दो लोगों को बाहर निकाला, जबकि तीन लोग भीतर ही फंसकर जल गए। कुछ ही मिनटों में सिपाही का पूरा परिवार खत्म हो गया।
दूसरी कार में सवार दिल्ली के दक्षिणपुरी निवासी दीपांशु मिश्रा, दीप्ति मिश्रा, प्रगति मिश्रा और तृप्ति मिश्रा समेत पाँच लोग घायल हुए। इनमें चार की हालत गंभीर बताई जा रही है और उन्हें केजीएमयू लखनऊ रेफर किया गया। हादसे के बाद कुछ समय तक एक्सप्रेसवे पर यातायात रोकना पड़ा।
अफसरों ने की पुष्टि
अपर मुख्य चिकित्साधिकारी लव गुप्ता और जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी ने पाँच मौतों की पुष्टि की। पुलिस का कहना है कि पूरा मामला तेज रफ्तार और लापरवाही का परिणाम है, जिसने एक परिवार की जिंदगी पल भर में खत्म कर दी।












