लगातार मिल रही थी शिकायतें
पुलिस सूत्रों के अनुसार, परतापुर थाने में तैनात हेड कॉन्स्टेबल शैलेंद्र को लेकर लंबे समय से शिकायतें मिल रही थीं। सहकर्मियों के साथ उनका व्यवहार लगातार विवादों में रहा और कई बार उन्हें सुधार के लिए आगाह भी किया गया। बावजूद इसके उनके आचरण में कोई बदलाव नहीं आया। आखिरकार एसएसपी ने मामले को गंभीर मानते हुए निलंबन का आदेश जारी कर दिया। यह संदेश भी दे दिया गया कि बार-बार चेतावनी के बाद भी सुधार न होना अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
इसी कार्रवाई के तहत दो अन्य कॉन्स्टेबल—राजिक अली और यशपाल—भी एसएसपी की कार्रवाई की जद में आए। बताया गया है कि दोनों बिना किसी सूचना या अनुमति के लंबे समय से ड्यूटी से गायब थे। पुलिस विभाग में इसे सीधे तौर पर अनुशासनहीनता और जिम्मेदारी से भागने की श्रेणी में माना गया। जांच के बाद एसएसपी ने दोनों को निलंबित करने का फैसला लिया।
एसएसपी ने कहा ये
एसएसपी डॉ. विपिन ताडा का स्पष्ट कहना है कि पुलिस की वर्दी केवल अधिकार नहीं, बल्कि जिम्मेदारी का प्रतीक है। जनता की सुरक्षा और विश्वास से जुड़ी इस सेवा में लापरवाही करने वालों के लिए कोई जगह नहीं है। उन्होंने संकेत दिए हैं कि आने वाले दिनों में भी विभागीय कार्यप्रणाली की समीक्षा जारी रहेगी और जहां भी अनुशासनहीनता या ढिलाई सामने आएगी, वहां सख्त कदम उठाए जाएंगे।
इस कार्रवाई को पुलिस महकमे में एक स्पष्ट चेतावनी के रूप में देखा जा रहा है कि अब ड्यूटी से गैरहाजिरी या गलत व्यवहार पर कोई नरमी नहीं बरती जाएगी।












