आईपीएस की आत्महत्या के बाद मामला बढ़ा
यह फैसला आईपीएस अधिकारी वाई पूरण कुमार की कथित आत्महत्या से जुड़े मामले के बाद लिया गया है, जिसने पूरे सिस्टम पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए थे। इसी विवाद के चलते पहले शत्रुजीत कपूर को अवकाश पर भेजा गया था और अब उन्हें औपचारिक रूप से डीजीपी पद से मुक्त कर दिया गया है।
कपूर के हटने के बाद सरकार नए डीजीपी की नियुक्ति की तैयारी में जुट गई है। इसके लिए वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों के नाम संघ लोक सेवा आयोग को भेजे जाने की संभावना है। फिलहाल कार्यवाहक डीजीपी बनाए गए ओ पी सिंह 31 दिसंबर को रिटायर होने वाले हैं, इसलिए यह व्यवस्था अस्थायी मानी जा रही है।
हालांकि डीजीपी पद से हटाए जाने के बावजूद शत्रुजीत कपूर हरियाणा पुलिस हाउसिंग कॉर्पोरेशन, पंचकूला के चेयरमैन बने रहेंगे। 1990 बैच के आईपीएस अधिकारी कपूर को अगस्त 2023 में डीजीपी बनाया गया था।
लगाए थे ये आरोप
पूरा मामला तब सामने आया जब तेजतर्रार आईपीएस अधिकारी वाई पूरण कुमार चंडीगढ़ स्थित अपने आवास में मृत पाए गए। शुरुआती जांच में इसे आत्महत्या बताया गया, लेकिन उनके सुसाइड नोट में लगाए गए जातिगत भेदभाव और मानसिक उत्पीड़न के आरोपों ने प्रशासन को कटघरे में खड़ा कर दिया। इसके बाद से ही डीजीपी को लेकर कार्रवाई की मांग तेज होती चली गई।












