इंफेक्शन की वजह से काटा गया पैर
घटना के बाद से शाका का इलाज जेएन मेडिकल कॉलेज में चल रहा था। चिकित्सकों के अनुसार दाहिने पैर में गैंगरीन फैल गया था, जिससे जान को खतरा बढ़ गया। इसी वजह से सर्जरी कर पैर का निचला हिस्सा अलग करना पड़ा। फिलहाल वह डॉक्टरों की निगरानी में भर्ती है।
यह मामला नौ नवंबर का है, जब टप्पल थाना क्षेत्र के जलालपुर गांव में पुलिस उसे गिरफ्तार करने पहुंची थी। शाका के खिलाफ जानलेवा हमले का मुकदमा दर्ज था। सिविल ड्रेस में गई पुलिस टीम से आमना-सामना होते ही उसने सिपाही देव दीक्षित पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। दो गोलियां लगने से सिपाही गंभीर रूप से घायल हो गया था।
इसके बाद पुलिस लगातार उसकी तलाश में जुटी रही। इस दौरान दो बार मुठभेड़ भी हुई, लेकिन हर बार वह भागने में सफल रहा। हालांकि उसका एक साथी पुलिस के हत्थे चढ़ गया था।
तीन दिसंबर को आखिरकार पुलिस को सफलता मिली। सूचना के आधार पर यमुना एक्सप्रेसवे के पास एक ढाबे पर उसे घेर लिया गया। मुठभेड़ के दौरान पुलिस की गोली उसके दोनों पैरों में लगी और वह मौके पर ही दबोच लिया गया।
जेल अधीक्षक ने दी जानकारी
वरिष्ठ जेल अधीक्षक बिजेंद्र सिंह ने बताया कि घुटने के पास गंभीर संक्रमण हो जाने के कारण डॉक्टरों ने सर्जरी का फैसला लिया। ऑपरेशन के बाद शाका को मेडिकल कॉलेज में ही रखा गया है और उसकी हालत पर लगातार नजर रखी जा रही है।












