अब तक 45 अपराधियों ने लगाई हाजिरी
ऑपरेशन दस्तक के तहत उन्नाव पुलिस ने जिले के 45 हिस्ट्रीशीटर और चिन्हित अपराधियों को कोतवाली में हाजिरी लगाई। इस दौरान सभी अपराधी हाथों में तख्तियां लेकर थाने पहुंचे, जिन पर लिखा था—“मजदूरी कर लेंगे लेकिन अपराध नहीं करेंगे” और “हमें माफ करो।” यह दृश्य न सिर्फ अपराधियों के लिए चेतावनी का संदेश था, बल्कि समाज में कानून के प्रति डर और सुधार की भावना को भी दर्शाता है।
हर सप्ताह देनी होगी हाजिरी
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, ऑपरेशन दस्तक के अंतर्गत इन सभी अपराधियों को हर सप्ताह अनिवार्य रूप से कोतवाली में हाजिरी देनी होगी। इसके साथ ही पुलिस उनकी दैनिक गतिविधियों का सत्यापन भी कर रही है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि वे दोबारा किसी आपराधिक गतिविधि में शामिल न हों। पुलिस का कहना है कि अगर किसी भी अपराधी की गतिविधि संदिग्ध पाई जाती है, तो उसके खिलाफ तुरंत कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
उन्नाव पुलिस का यह अभियान केवल सख्ती तक सीमित नहीं है, बल्कि अपराधियों को मुख्यधारा में लौटने का अवसर भी दे रहा है। पुलिस का मानना है कि नियमित निगरानी और जवाबदेही से अपराधियों में सुधार लाया जा सकता है। ऑपरेशन दस्तक के जरिए पुलिस यह संदेश देना चाहती है कि या तो अपराध छोड़कर सम्मानजनक जीवन जिएं, या फिर कानून का सामना करने के लिए तैयार रहें।












